2. डोमिनियन प्रस्थिति पर टिप्पणी - Page 287

270 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

(4) किसी उपनिवेश का शासन उस उपनिवेश की प्रकृति के अनुसार प्रभेदित था?

(5) उपनिवेश दो वर्गों में आते हैंः-

(1) व्यवस्थापन से उपनिवेश।

(2) विजय या समर्पण से उपनिवेश।

1. व्यवस्थापन से उपनिवेशः-

(1) इस प्रकार व्यवस्थापन उपनिवेश में, एक अनुत्तरदायी कार्यपालिका और प्रतिनिधित्वशील विधायिका के बीच अपरिहार्य विवाद, अधिदेशों का विवाद, उभर कर आया।

(2) इन उपनिवेशों में, इस विवाद को दूर करने के लिए व्यवस्थापन द्वारा उत्तरदायी शासन पुनसर्थापित करना पड़ा।

(3) उत्तरदायी शासन की प्रकृति व्यवस्थापित उपनिवेशों में सम्राट की स्थिति, विजित उपनिवेशों में सम्राट की स्थिति से भिन्न थी।

व्यवस्थापन से अर्जित अधिक्षेत्रों में सम्राट की स्थिति यूनाइटेड किंगडम में उसकी प्रस्थिति के अनुरूप होती है। 10 ए.पी.पी. कॉल्स 692 (744) वह कार्यपालिका शक्ति रखता है और न्यायालयों को स्थापित करने का प्राधिकार रखता है, किंतु धर्म संबंधी न्यायालयों का नहीं। (3 एम.ओ.ओ. पी.सी. 115, 1865_ 1 एम.ओ.ओ.पी.आई.सी.सी. - 411, 1863) किंतु विधायन नहीं कर सकता और यदि विधियां पारित करनी हों तो यहः-

(1) यू.के.के. अनुरूप प्रतिनिधिस्वरूप विधायी निकाय द्वारा किया जाना चाहिए।

(2) जहां विधान द्वारा यह कार्यान्वित किया जाना कठिन हो तो भिन्न प्रकार के संघटन को स्थापन प्राधिकृत करने वाला संसदीय प्राधिकार अवश्य प्राप्त करना चाहिए।

2. विजित उपनिवेश

इनमें सम्राट, ऐसी कार्यपालिका, विधायिका एवं न्यायपालिका, जैसी वह उपयुक्त समझे, स्थापित करने की पूर्ण शक्ति रखता है जो केवल इस शर्त के अधीन होती है कि वे सभी ब्रिटिश अधिक्षेत्रों में लागू होने वाले किसी संसदीय अधिनियम का उल्लंघन न करें।

किंतु यह अधिकार, जब तक कि वह पूर्णतः या अंशतः सुस्पष्टतः प्रतिधारित न किया गया हो, प्रतिनिधि विधान मंडल की स्वीकृति से समाप्त हो जाता है। यदि इस प्रकार प्रति धृत नहीं किया जाता है तो संविधान के बारे में या सामान्यतः विधान बनाने की शक्ति केवल संसद के अधिनियम के प्राधिकार के अधीन पुनः प्राप्य की जा सकती