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है। 1835, 2 के यू ए पी पी 130 (152) जेसन बनाम प्यूराः 1932 ए सी 260
- स्टेटयूट ऑफ वैस्ट मिनिस्टर निम्नलिखित पर लागू होता हैः-
(1) कनाडा डोमिनियन
(2) आस्ट्रेलिया राष्ट्रमंडल
(3) न्यूजीलैंड डोमिनियन
(4) दक्षिण अफ्रीका संघ
(5) आयरिश स्वतंत्र राज्य
(6) न्यू फाउंडलैंड
इस संविधि में इन उपनिवेशों को डोमिनियन कहा जाता है और उन्हें तथाकथित डोमिनियन प्रस्थिति दी गई है।
मिनिस्टर से पूर्व इन उपनिवेशों में उत्तरदायी शासन था।
उत्तरदायी शासन एवं डोमिनियन प्रस्थिति में क्या अंतर है?
उत्तरदायी शासन की तंत्र रचना
(1) उपनिवेश द्वारा उन विषयों में जो उनको प्रभावित करते थे, औपनिवेशिक स्वयत्तता का दावा।
(2) साम्राज्यीय संसद द्वारा असीमित प्रभुसत्ता का दावा।
ये दोनों दावे विरोधाभासी हैं। एक स्वयं शासन करने वाला उपनिवेश स्पष्टतया एक असंगति है। इस प्रश्न के हल में दो प्रश्न अंतर्ग्रस्त हैंः-
(1) औपनिवेशिक एवं साम्राज्यीय शासनों के बीच प्राधिकार का विभाजन कैसे घटित होना था।
(2) प्रत्येक को दी गई शक्तियों का प्रयोग प्रत्येक के द्वारा कैसे होना था।
प्रस्तावित विभाजन साम्राज्यीय एवं औपनिवेशिक विधायी सक्षमता के अनुरूप नहीं था जो औपनिवेशिक विधियों द्वारा प्रतिबंधित था उसे उसके अतिरिक्त समग्र विधायन औपनिवेशिक क्षमता में ही होना था, किंतु उसका कुछ अंश साम्राज्यीय निषेधादेश के प्रति उत्तरदायी इस आधार पर नहीं था कि वह औपनिवेशिक विधान मंडल की क्षमता के परे था वरन् उसने साम्राज्यीय कुछ हितों को प्रभावित किया था।
साम्राज्यीय परिधि के विषय प्रमणन द्वारा लिखे नहीं गए थे। साम्राज्यीय शासन विनिश्चय करने को स्वतंत्र था कि क्या कोई विशेष विषय साम्राज्यिक परिधि का था या नहीं।
निम्नलिखित प्रावधान इन उपनिवेशों के संविधान की विशेषताएं थीं।