12 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
(ह) निष्कर्ष एवं दोष सिद्ध में इसके कारणों का संक्षिप्त विवरण।
(ड) दंडादेश या अन्य अंतिम आदेश
(ज) वह दिनांक जिसको कार्यवाहियां समाप्त हुईं।
अपीलीय मामलों में
धारा 264
न्यायालय दंडादेश देने से पूर्व अनअपीलीय मामलों में अपेक्षित निर्णय साक्ष्य का सार एवं विवरण भी देते हुए अभिलिखित करेगा।
ऐसा निर्णय अपीलीय मामलों में अभिलेख मात्र होगा।
निर्णय
धारा 366
किसी भी दंड न्यायालय में प्रत्येक आचरण में निर्णय सुनाया जाएगा या ऐसे निर्णय का सारांश खुले न्यायालय में स्पष्ट किया जाएगा -
(1) खुले न्यायालय में, या तो तुरंत या अधिसूचित की जाने वाली पश्चात्वर्ती
तारीख को बशर्ते कि यदि पक्षों के द्वारा अनुरोध किया गया हो, समग्र पढ़ा
जाएगा।
(2) अभियुक्त यदि अभिरक्षा में लाया जाएगा एवं अभिरक्षा नहीं है तो घोषित
निर्णय को सुनने के लिए लाया जाएगा।
सिवाए वहां के जहां उसकी वैयक्तिक उपस्थिति मुक्त कर दी गई है और दंडादेश केवल अर्थ दंड हो या विमुक्त कर दिया गया हो।
ध्यान दीजिए - (3) यदि निर्णय अनुपस्थिति में घोषित किया जाए तो वह पढ़ा नहीं जाएगा।
धारा 367
प्रत्येक निर्णय जब तक अन्यथा प्रावधान न हो न्यायालय के पीठासीन अधिकारी द्वारा लिखा जाएगा या बोलकर लिखवाया जाएगा। उसमें निम्नलिखित बातें होंगी -
(1) निर्धारण के लिए विचार बिन्दु।
(2) उन पर निर्णय।
(3) निर्णय के कारण।
(4) खुले न्यायालय में पीठासीन अधिकारी द्वारा उसे सुनाए जाने के समय
हस्ताक्षरित एवं दिनांकित किया जाएगा और जहां वह पीठासीन अधिकारी द्वारा
नहीं लिखा गया है वहां ऐसे निर्णय का प्रत्येक पृष्ठ उसके द्वारा हस्ताक्षरित
किया जाएगा।