280 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
ये संप्रभु के कार्य करते हैं। किंतु उनकी संप्रभुता राज्य की प्रस्थिति नहीं है।
- क्या संबंध विच्छेद करने का अधिकार विवस्थित है?
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लॉ कार्टरली रिव्यू
(विधि त्रैमासिक) समीक्षा
खंड - 6
ब्रिटिश राज्य क्षेत्र में विदेशियों को प्रवेश करने का अधिकार पृष्ठ 27
विषयः राज्य छोड़ने की बाध्यता - पृष्ठ 388
नागरिकता एक राजनिष्ठा
खंड - पृष्ठ - 270
खंड - पृष्ठ - 49
प्रंटिस वैबस्टर कृत
लॉ ऑफ सिटिजनशिप इन द युनाइटेड स्टेट्स
अलबनी - 1891
वैबस्टर
‘‘नागरिकों अर्थात् राजनीतिक प्रभुसत्ता के संघटक सदस्यों और उस प्रभुसत्ता की प्रजा के बीच अंतर जो इसलिए नागरिक नहीं है, लोक विधि की सर्वोत्तम नजीरों में मान्य है। यह प्रभेद सत्य है। अगला प्रश्न है कि नागरिक कौन है एवं कौन नहीं है, उसकी कठिनाई है। स्वदेश में समान अधिकारों और विशेषाधिकारों की और विदेशों में समान सुरक्षा प्राप्त करने की नागरिकता की परिभाषा स्वीकार करो और इस दृष्टिकोण से प्रश्न पर विचार करो जिससे, किया ही जाना चाहिए, क्योंकि हमारे पास यू एस ए संयुक्त राज्य अमरीका में कोई विधि नहीं है जो हमारे नागरिकों को वर्गों में विभाजित करती है या उनके बीच कोई भी भेदभाव करती है। तब हम उस महत्त्व को खोज पाते हैं कि नागरिकों के समान अधिकार जब स्वदेश में हो कायम रखने चाहिए। क्योंकि नागरिकता संबंधी प्रश्न राष्ट्रों की विधि की अधीनता में नगर विधि (या स्थानीय विधि) द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। अतः नागरिकता का महत्त्व कम आकलित नहीं करना चाहिए।’’
वैबस्टर
रोमन विधि का दृष्टिकोण
- मनुष्य के द्वारा ही शासनतंत्र संस्था संगठित की गई थी और संगठन में अपने साथी मानवों के साथ प्रवेश करते हुए मनुष्य ने अपने नैसर्गिक अधिकारों के प्रयोग