324 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
उत्तर है कि उसकी जानकारी, जिसे उसने अ कंपनी के अभिकर्ता स्वरूप प्राप्त की थी, ब कंपनी पर अरोपित नहीं होगी, जब तक वह अपनी कंपनी के प्रति अपनी जानकारी ब कंपनी को संप्रेषित करने का और ब कंपनी के प्रति उस सूचना प्राप्त करने का कर्त्तव्य उसका न हो।
(1896) 2 सी.एच. 743 हैम्पशायर लैंड कंपनी के मामले में।
तथ्यः
हैम्पशायर लैंड कंपनी, कंपनी अधिनियम के अंतर्गत 1870 में रजिस्टर की गई थी।
कंपनी निकटतः पोर्ट सी आईलैंड बिल्डिंग सोसायटी से अंतर्संबंधित थी। विल्स चार निदेशक एवं एक सचिव दोनों में थे।
19 फरवरी, 1881 को कंपनी की साधारण सभा हुई थी, जिसमें निदेशकों को 30,000 पाउंड ऋण लेने को प्राधिकृत किया जाना पारित हुआ था।
निदेशकों ने इस धनराशि को पोर्ट सी सोसायटी से उधार लिया।
सोसायटी का 1892 में परिसमापन हो गया। सोसायटी के समापक ने कंपनी को दिए ऋण 30,.000 पाउंड धनराशि का दावा किया।
दलील दी गई कि ऋण लेने के लिए प्राधिकृत किए जाने वाला प्रस्ताव शक्तिबाह्य था और यह कि चूंकि सचिव विलियम एक सामान्य अधिकारी था, उसको दी गई सूचना सोसायटी को दी गई सूचना थी और इसीलिए सोसायटी वसूल नहीं कर सकी।
अभिनिर्धारित किया गय कि सोसायटी पृष्ठ 749 पर दिए गए कारणों से वसूल कर सकती थी।
II. अभिकर्ता ने सूचना उसी संव्यवहार में प्राप्त की न कि पूर्ववर्ती संव्यवहार में। और भी एक प्रतिबंध है। भले ही अभिकर्ता द्वारा सूचना उसी संव्यवहार में प्राप्त की गई हो वह क्रेता पर आरोपित नहीं की जाएगी जब तक कि वह उस संव्यवहार में इतनी तात्विक न हो कि उसे स्वामी को बताना अभिकर्ता का कर्त्तव्य हो जाए।
(1886)-31 सी.एच.डी. 671 इनरी काजिन्स।
तथ्यः
1871 में विलियम के चचेरे भाइयों ने अपनी संपत्ति की वसीयत की और उसे न्यासियों के विश्वास में छोड़ दिया।
विलियम बेंक्स न्यासियों के लिए सालिसिटर था।