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(III) जहां प्रतिद्वंद्विता दो साम्यिक अधिकारों के बीच है।
- पूर्वोक्त दो वादों में विधिक अधिकार एवं साम्यिक अधिकार के बीच प्रतिद्वंद्वि ता थी। तीसरे वाद में दो साम्यिक अधिकारों के बीच प्रतिद्वंद्विता है।
केव बनाम केव (1880) 15 सी.एच. 639
तथ्यः
अ न्यासी और ब एक हिताधिकारी।
अ ने विश्वास भंग कर न्यास धन से भूसंपत्ति खरीदी और उसको स के नाम विधिक बंधक कर दिया।
स को न्यास की कोई सूचना नहीं थी।
बाद में एक साम्यिक बंधक विलेख के द्वारा उसी भूमि को द को अंतरित कर दिया।
तीन व्यक्ति हैं जिन्होंने अधिकार अर्जित कर लिए हैं। स जिसको विधिक अधिकार है, विधिक बंधक होने के कारण बंधकदारों के ब को अ के अधिकार से उद्भूत होने वाला, साम्यिक अधिकार है, जो अंतरित कर दिया गया है।
द को अ के अधिकार से निकलने वाला एक साम्यिक अधिकार है।
पक्षों की स्थिति क्या है?
जैसे कि स एवं ब के बीच यद्यपि ब का साम्यिक अधिकार स के विधिक अधिकार का पूर्ववर्ती है, चूंकि स को सूचना नहीं है, स प्राथमिकता लेता है।
जैसे कि स एवं ब, स प्राथमिकता लेता है क्योंकि द के अधिकारों के सृजन करने वाले कपट में स पक्षकार नहीं है।
जैसे कि ब एवं द के बीच, उनके अधिकार साम्यिक अधिकार हैः किसका अधिकार प्रवृत्त करता है? ब का अधिकार नियम यह है कि जहां दो साम्यिक अधिकारों के बीच प्रतिद्वंद्विता है वहां उत्पत्ति में पूर्ववर्ती अधिकार बाद के अधिकार पर अविभावी होता है।
यह नियम केवल (वहीं) लागू होता है जहां साम्यिक अधिकारों की उनके पक्ष में, समान साम्याएं होती हैं। यदि साम्यताएं असमान हैं, तो दोनों में श्रेष्ठतर अविभावी होती है।
राइस बनाम राइस 2 ड्रेवरी, 73 (76-78)
अ भूमि बेचता है ब को और क्रय धन बिना प्राप्त किए (1) को भूमि हस्तांतरित करता है। (2) धन के लिए रसीद लिखता है। (3) ब को हक पत्र दे देता है। बाद