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को समनुदेशिती पर उसके नाम के इस प्रयोग पर आक्षेप करने से उसे खर्च की
प्रतिपूर्ति देते हुए अवरुद्ध करता था।
- फिर भी कुछ व्यवहार्य संपत्तियां थीं, जिनके समनुदेशन को लोक नीति के आधार
पर साम्या ने प्रभावी नहीं कियाः-
(1) राष्ट्रीय राजकोष से संदत्त लोक अधिकारियों के वेतन एवं अर्थ वेतन का
समनुदेशन।
(2) पत्नी के निर्वाह धन का समनुदेशन।
(3) संपत्ति के रख रखाव से किया गया समनुदेशन।
निष्कर्ष
- इस प्रकार समनुदेशन करने के दो तरीके हैंः-
(i) विधिक और (ii) साम्यिक
- यद्यपि न्यायाधिक्षेत्र अधिनियम में विधिक संपत्ति के विधिक समनुदेशन के रूप में प्रक्रिया का यह एक व्यवहार्य संपत्ति के साम्यिक समनुदेशन से संबंधित चांसरी के नियमों को निरस्त नहीं करता है। ताकि यदि समनुदेशन विधि की दृष्टि में किसी न्यूनता के कारण निष्प्रभावी है तो यह उपयुक्त होगा कि यह साम्या के नियमों के अनुरूप है। दूसरे न्यायाधिक्षेत्र एक साम्यिक व्यवहार्य संपत्ति के समनुदेशन को स्पर्श नहीं करता है।
विचारार्थ मामलों के संवर्ग
व्यवहार्य संपत्ति के समनुदेशन संबंध में विचारार्थ मामलों के तीन प्रवर्ग हैंः-
(1) विधिक व्यवहार्य संपत्ति का विधिक समनुदेशन।
(2) विधिक व्यवहार्य संपत्ति का साम्यिक समनुदेशन।
(3) साम्यिक व्यवहार्य संपत्ति का समनुदेशन।
विधिक संपत्ति के विधिक समनुदेशन की अपेक्षाएं।
समनुदेशन अवश्य ही परिपूर्ण हो अर्थात् यह समनुदेशन के द्वारा अपने अधिकार के पूर्ण निमित्त हित के समान हो। ऋण पूर्ण हो और संपूर्ण धनराशि का हो।
समनुदेशन समनुदेशक द्वारा हस्तांतरित लिखित रूप में हो। यह आवश्यक नहीं कि विलेख द्वारा हो।
यह आवश्यक नहीं कि मूल्य के लिए हो।
- ऋणियों को समनुदेशन की स्पष्ट सूचना दी जाए।
धारा यह नहीं बतलातीः-