354 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
2. अपवाद - धारा 42
व्यक्तिबंधी निर्णय अपरिचितों के मध्य के रूप में सुसंगत है, यदि निर्णय लोक प्रकृति के एक विषय से संबंधित है।
लोक प्रकृति के विषय
(1) प्रथाएं
(2) निर्धारण
(3) कर
(4) सीमाएं
(5) नौ-अधिकार
(6) समुद्र तटबंध आदि।
III. अपवाद धारा 43
इस धारा के अंतर्गत अपरिचितों के मध्य व्यक्तिबंधी निर्णय स्वीकार्य हैं, दो परिस्थितियों के अधीन हैं।
(i) जहां ऐसे निर्णय का अस्तित्व एक विवाद्यक तथ्य है।
(ii) जहां निर्णय साक्ष्य अधिनियम के अन्य प्रावधानों के अंतर्गत सुसंगत है।
टीका -
- प्रथम परिस्थिति को समझना आसान है।
दृष्टांतः-
(1) अ ने मिथ्यापवाद के लिए ब पर यह दावा किया कि वह कूट करण के लिए दोषी सिद्ध हुआ था। ब ने यह कहते हुए न्यायसंगत ठहराया इस आधार पर कि वह सत्य था।
अ की दोषसिद्धि कूटकरण एक विवाद्यक तथ्य होगा और उसकी दोषसिद्धि का समर्थन करने वाला निर्णय ग्राह्य भी होगा। ब उसी निर्णय का एक पक्ष नहीं था।
(2) साहूकार द्वारा उपलब्ध जमानती के विरुद्ध किसी एक मामले में एक निर्णय मान्य होगा जिसमें जमानती ने मुख्य ऋणी पर मुकदमा चलाया हो। यद्यपि मुख्य ऋणी इसका एक पक्ष नहीं था।
(3) अन्वीक्षण की एक न्यायिक कार्यवाही में अभिच्छित मिथ्या साक्ष्य देने के लिए अभिलेख साक्ष्य होगा कि वहां एक न्यायिक कार्यवाही थी।
- यह दूसरी परिस्थिति है जिसने कठिनाई उत्पन्न की है। वे धाराएं क्या हैं जिनके अंतर्गत एक निर्णय संभवतः सुसंगत है।