लोक प्रशांति के विरुद्ध अपराधों से संबंधित है। - Page 38

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शांति भंग का प्रकापन करने के आशय से अनादर एवं धारा 448 भा.दं.सं. (एक भूमि चिह्न का हटाया जाना) अन्तर्ग्रस्त करने वाले मामलों में बंधपत्र ठीक है।

धारा 107

जब कभी किसी दंड न्यायालय को सूचित किया जाए कि कोई व्यक्ति शांति भंग करने वाला या लोक प्रशांति में गड़बड़ी करने वाला है या कोई सदोष कार्य जो संभवतः शांति भंग या लोक प्रशांति विक्षुब्धि का कारण बन सकता है, मजिस्ट्रेट मत से यदि उसके होने के लिए पर्याप्त कारण है ऐसे व्यक्ति से कारण बताने की अपेक्षा कर सकेगा कि उसे एक बंधपत्र प्रतिभूतियों के सहित या प्रतिभूतियों के बिना एक वर्ष से अत्यधिक के लिए जो मजिस्ट्रेट उपयुक्त समझे, निष्पादित करने का आदेश क्यों न दे।

टिप्पण -

  1. सूचित किया जाता है। सूचना विश्वसनीय हो। एक प्राइवेट व्यक्ति का कथन

जो शपथ या सत्य प्रतिज्ञान पर न हो विश्वस्त सूचना नहीं है जिस पर

अकेले मजिस्ट्रेट इस धारा के अंतर्गत सम्मन जारी कर सके। सूचना स्पष्ट

एवं सुनिश्चित प्रकार की हो। प्रत्यक्षतः उस व्यक्ति को प्रभावित करने वाली

जिसे सम्मन जारी किया जाता है, और ठोस तथ्य एवं विवरणों को प्रकट

करना चाहिए, ताकि ऐसे व्यक्ति को सूचना मिल सके कि उसे किस चीज

का सामना करना है।

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  1. शांति भंग करने की संभावना वाला कार्य निश्चित रूप से सन्निकट हो ताकि

यह किसी समय दी गई सूचना के समय सोच में होना दर्शाया जाए।

  1. शांति भंग में परिणत होने वाला कार्य निश्चित रूप से दोषपूर्ण होना

चाहिए।

ऐसे कार्य जो विधिपूर्ण अधिकारों के अनुपालन के समान हों, इस धारा के अधीन आदेश को आवश्यक बनाने के लिए दोषपूर्ण नहीं माने जाते हैं।

कोई कार्य जो विधिपूर्ण है, इसलिए अवैध नहीं हो जाता है कि कुछ व्यक्ति उसका विरोध करते हैं।

दोषपूर्ण कृत्य का अर्थ है एक निषिद्ध कार्य या दंडनीय घोषित कार्य या दंड विधि द्वारा दोषपूर्ण कार्य न कि मात्र अनुपयुक्त कार्य।

अर्थात्

गाय को मारना।

खुली सड़क पर गीत गाना - बैलेंडों का गाना।

मस्जिद में नमाज़ों में जोरदार आवाज़ में फ्आमीनय् कहना।

धारा 108 भयावह प्रचार के बारे में है।