24 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
पर उसका उचित नियंत्रण है? केवल आर्थिक योग्यता ही उसकी योग्यता की परीक्षा नहीं है। प्रतिभूति की आवश्यकता का उद्देश्य मान्यताओं को जब्त करके क्राउन के लिए धन प्राप्त करना नहीं है, अपितु यह सुनिश्चित करना है कि मुलजि़म का अच्छा व्यवहार होना चाहिए।
प्रतिभू अनुपयुक्त है, यदि वह अन्यत्र रहता था।
बम्बई उच्च न्यायालय के अनुसार यह पर्याप्त है यदि वे शोध क्षम्य एवं सम्माननीय है।
22 बम्बई एल.आर. 190
अभियुक्त को नियंत्रित करने की योग्यता वांछनीय शर्त नहीं है। धारा 126
प्रतिभू किसी भी समय अपने बंधपत्र को निरस्त करने के लिए आवेदन कर सकता है।
प्रतिभू का दायित्व
प्रतिभू का दायित्व बंधपत्र का उल्लंघन होने पर उद्भूत होता है जो पुनः मुख्य व्यक्ति की दोषसिद्धि पर निर्भर करता है।
सम्यक व्यवहार एवं शांति सामान्य विषय है और बहुत से अपराधों को अन्तर्विष्ट करते हैं। ऐसा होने पर यह अभिनिर्धारण करना अनुचित होगा कि प्रतिभू मुख्य व्यक्ति के प्रत्येक कल्पनीय अपराध के लिए जिम्मेदार है।
वे ऐसे अच्छे आचरण के लिए दायित्व को निर्दिष्ट करते हैं, जैसा उन परिस्थितियों में जिनके अंतर्गत प्रतिभूति मांगी गई थी।
प्रक्रिया
धारा 112
जब मजिस्ट्रेट ऐसी धारा के अधीन किसी व्यक्ति से कारण दर्शाने की अपेक्षा करना आवश्यक समझता है तो वह लिखित रूप से आदेश करेगा। प्राप्त सूचना के सार को व्यवस्थित करते हुए, निष्पादित किए जाने वाले बंधपत्र की रकम, वह समय जब तक लागू रहता है, और यदि कोई अन्य वांछित हो तो प्रतिभूओं की श्रेणी एवं आचरण। धारा 113
यदि व्यक्ति न्यायालय में उपस्थित है तो वह उसके लिए पढ़ा जाएगा या यदि वह ऐसी इच्छा करता है तो उसका सारांश उसको समझाया जाएगा।
धारा 114
यदि वह उपस्थित नहीं है तो सम्मन जारी किया जाएगा।
यदि तुरन्त शांति भंग का भय है तो वारंट जारी किया जा सकता है। धारा 115
आदेश की प्रति उस सम्मन के साथ होगी।