लोक प्रशांति के विरुद्ध अपराधों से संबंधित है। - Page 47

30 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

50/- से अधिक के लिए अन्यथा दंडनीय अपराध के लिए विचारित नहीं कर सकते।

यदि अपराध ऐसा है कि वह कारावास से दंडनीय नहीं है शास्ति (जुर्माने) से दंडनीय है और शास्ति रु. 50/- से अधिक नहीं है, तब वह मजिस्ट्रेट द्वितीय या तृतीय श्रेणी द्वारा विचारित किया जा सकता है।

किन्तु यदि वह कारावास दंडनीय है या रु. 50/-से अधिक शास्ति से दंडनीय है तो वह उनके द्वारा विचारित नहीं किया जा सकता है।

ध्यान दीजिए - यह इसलिए है यदि यूरोपीय ब्रिटिश जन विशेषाधिकारों के परे एक शक्तिगत सिद्धांत द्वारा उसको दिए गए विशेषाधिकारों का दावा करता है।

1923 से पूर्व परिभाषा निम्नानुसार थीः-

यूरोपीय ब्रिटिश जन का अभिप्राय है (i) हिज मजेस्टी का कोई प्रजाजन यू के (आंगल संयुक्त राज्य) या किसी यूरोपीय, अमरीकी या ऑस्ट्रेलियाई उपनिवेशों में या हिज मजेस्टी के अधिक्षेत्रों, या न्यूजीलैंड के उपनिवेश में या केप ऑफ गुड होप के उपनिवेश में या नेटाल में जन्में देशीयकृत आवासित है (ii) कोई शिशु या पौत्र ऐसे लोगों के औरस वंशानुगत।

अधिवास - वह स्थान जहां व्यक्ति का घर है, जिसके लिए व्यक्ति वापस लौटता है। अधिवास तीन प्रकार का होता है -

(1) जन्म से

(2) चयन से

(3) विधि प्रवर्तन से (अर्थात् पत्नी अपने पति का अधिवास अर्जित करती है।

धारा 195

न्याय प्रशासन को प्रभावित करने वाले अपराधों के बारे में है।

सामान्य नियम

मजिस्ट्रेट व्यक्ति को अपने ही प्राधिकार के संबंध में कारित न्यायालय के अवमान के लिए दोष सिद्ध नहीं कर सकता है, एक दूसरे मजिस्ट्रेट के लिए उपापर्ण आवश्यक है। न्यायालय जिसके समक्ष अपराध किया गया था और जिसके द्वारा प्रारंभिक जांच की गई थी, धारा 476 के अधीन मामले का विचारण नहीं करना चाहिए।

धारा 480

जब न्यायालय की दृष्टि में अपराध किए जाएं तो न्यायालय अपराध का विचारण कर सकता है। जब अपराध -

175 लोक सेवक को प्रस्तुत करने के लिए आबद्ध द्वारा विलेख को प्रस्तुत करने में विलोप

178 शपथ या प्रतिज्ञान लेने से इंकार करना