लोक प्रशांति के विरुद्ध अपराधों से संबंधित है। - Page 48

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179 प्रश्न करने के अधिकृत लोक सेवक को उत्तर देने से इंकार करना

180 एक कथन पर हस्ताक्षर करने से इंकार करना

228 न्यायिक हैसियत में बैठे लोक सेवक का साशय अपमान या विघ्न

धारा 485

उत्तर देने से इंकार करने वाले या विलेख को प्रस्तुत न करने वाले साक्षी का 7 दिन का कारावास या उपापर्ण

यूरोपीय ब्रिटिश प्रजाजन के द्वारा पहले से प्राप्त विशेषाधिकारों एवं विशेषाधिकार जिन्हें वह अब उपभोग करता है, सुविधा के लिए देखो वुडरोफा दंड प्रक्रिया (1926) पृष्ठ 516-519

धारा 4(1) यूरोपीय ब्रिटिश प्रजाजन से अभिप्रेत है -

(1) ब्रिटिश द्वीपों या किसी उपनिवेश में जन्मा देशीयकृत या अधिवासित यूरोपीय वंशज

या हिज मजेस्टी का कोई प्रजाजन या

(2) हिज मजेस्टी का कोई प्रजाजन जो विधिसम्मत आनुवांशिकता से ऐसे व्यक्ति का

पुत्र - या पौत्र है।

खंड-1 के आवश्यक तत्त्व

(1) यूरोपीय वंशज ब्रिटिश द्वीपों या किसी

(2) पुरुष पंक्ति में उपनिवेश में

(3) जन्मा

देशीय कृत

अधिवासित

ब्रिटिश द्वीपों या किसी उपनिवेश में।

खंड-2 के अनिवार्य तत्त्व - कोई व्यक्ति स्वयं जन्मा, देशीयकृत या अधिवासित नहीं हो सकता है। किन्तु वह ऐसे व्यक्ति का पुत्र हो सकता है। खंड 2 के अधीन यूरोपीय ब्रिटिश प्रजाजन के विशेषाधिकारों का दावा करने वाला सिद्ध करे -

  1. विधिसम्मत वंशज

  2. अपने पिता या पितामह की राष्ट्रीयता।

6 एम.एच.सी.आर. - 7 टर्नबुल

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III इस पर निर्भर करता है कि क्या अभियुक्त न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट के हाथों न्याय पाएगा। यदि न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट स्वयं परिवादी है तो न्याय पाने का कोई अवसर पाना मुश्किल है। विधि का सिद्धान्त है कि किसी भी मामले में कोई अभियोगी न्यायाधीश नहीं होगा। यह सिद्धान्त निम्न धारा में लेखाबद्ध है -