पुनरीक्षण अधिकारिता - Page 54

सिविल प्रक्रिया संहिता

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दंड प्रक्रिया संहिता

स्पष्टीकरण सभी मजिस्ट्रेट मौलिक या अपीलीय न्यायाधिक्षेत्र को निष्पादित करते हुए सत्र न्यायालय से अवर (न्यायालय) समझे जाएंगे। इस उपधारा और धारा 437 के प्रयोजनों हेतु। यदि कोई प्रभागीय मजिस्ट्रेट उपधारा 1 के अधीन विचार करता है कि ऐसा कोई निष्कर्ष, दंडादेश या आदेश अवैध या अनुपयुक्त है या कि कोई ऐसी प्रक्रिया अनियमित है, वह अभिलेख को, ऐसी टिप्पणी के साथ जिसे वह उपयुक्त समझे, जनपद मजिस्ट्रेट को अग्रसारित करेगा।

* * * * * (4) यदि आवेदन इस धारा के अधीन या तो सेशन न्यायाधीश या जिला मजिस्ट्रेट को किया जाता है तो कोई और अन्य आवेदन उनमें से किसी अन्य के द्वारा विचारित नहीं किया जाएगा।

धारा 436 धारा 435 के अधीन या अन्यथा किसी अभिलेख का परीक्षण कर लेने पर उच्च न्यायालय अथवा सेशन न्यायाधीश जिला मजिस्ट्रेट को उसके स्वयं के द्वारा या उसके किसी अधीनस्थ के द्वारा उसको निर्देशित कर सकता है और जिला मजिस्ट्रेट स्वयं या किसी अधीनस्थ मजिस्ट्रेट को किसी ऐसे परिवाद पर, जो धारा 203 अथवा धारा 204 की उपधारा (3) के अंतर्गत खारिज कर दिया गया है अथवा अपराध के आरोपी किसी व्यक्ति के वाद में जो विमुक्त कर दिया गया है, आगे जांच के लिए निर्देशित कर सकता है।