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सिविल प्रक्रिया संहिता दंड प्रक्रिया संहिता
धारा 438 (1) सत्र न्यायाधीश या जिला मजिस्ट्रेट, यदि वह उचित समझता है, धारा 435 या अन्यथा के अधीन किसी प्रक्रिया के अभिलेख के परीक्षण करने पर ऐसे आदेश के लिए उच्च न्यायालय को प्रतिवेदन कर सकता है और जब ऐसा प्रतिवेदन एक अनुशंसा धारित करता है कि दंडादेश प्रतिवर्तित या परिवर्तित हो, तो आदेश कर सकता है कि ऐसे दंडादेश का निष्पादन निलंबित किया जाए और अभियुक्त यदि परिरोध में है, कि वह प्रतिभूति या उसके निजी मुचलके पर रिहा किया जाए।
(2) अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश के पास सेशन जज की सभी शक्तियां हैं, और वह उन सबका इस अध्याय के अंतर्गत, किसी भी वाद के संबंध में जो उसको सेशन न्यायाधीश के किसी सामान्य या विशिष्ट आदेश के तहत या द्वारा स्थानांतरित की गई हैं, का समावेश कर सकता है।
धारा 439 (1) किसी प्रक्रिया, जिसका अभिलेख उसके स्वयं के द्वारा मंगवाया गया है, या जो आदेश के लिए प्रतिवेदित किया गया है, या जो अन्यथा उसकी जानकारी में आता है, उच्च न्यायालय अपने विवेक से धारा 423, 426, 427 एवं 428 या एक न्यायालय पर धारा 338 द्वारा एक अपीलीय न्यायालय पर प्रदत्त शक्तियों और अधिकारों के निष्पादन में दंडादेश को आगे बढ़ा सकता है और जब पुनरीक्षण न्यायालय की संरचना में न्यायाधीशगण अपनी राय में समान रूप से