40 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
सिविल प्रक्रिया संहिता दंड प्रक्रिया संहिता
विभाजित हैं तो वादा धारा 429 में प्रावधानित विधा में निपटाया जाएगा।
(2) इस धारा के अंतर्गत अभियुक्त के प्रतिकूल कोई भी आदेश तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि उसको या तो व्यक्तिगत रूप से या उसके अपने बचाव में अधिक्ता द्वारा सुने जाने का अवसर प्राप्त नहीं हो जाता।
(3) जहां दंडादेश इस धारा के अधीन धारा 34 के अंतर्गत अन्यथा कार्य करने वाले एक मजिस्ट्रेट द्वारा पारित किया गया है तो ऐसे न्यायालय के मतानुसार न्यायालय उस अपराध के लिए जो अभियुक्त ने कारित किया है, के लिए एक प्रेसीडेंसी मजिस्ट्रेट या प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट से बड़ा दंड नहीं करेगा। (4) धारा 273 के अधीन एक प्रविष्टि के प्रति इस धारा में कुछ भी प्रयुक्त नहीं होगा या एक उच्च न्यायालय को एक दोषमुक्ति के निर्णय को काराबंदी में प्रत्यावर्तित करने के लिए अधिकृत किया जाना समझा जाएगा। (5) जहां इस संहिता के अधीन एक अपील लंबित है और कोई अपील नहीं लाई जाती है, तो उस अपील करने वाले पक्ष के वाद पर, जो अपील कर सकता था, पुनरीक्षण की युक्ति से कोई प्रक्रिया धारित नहीं की जाएगी।
(6) इस धारा में किसी बात के होते हुए भी कोई दोष सिद्ध व्यक्ति - जिसको उपधारा (2) के अधीन कारण दर्शाने के लिए एक अवसर प्रदान किया गया है कि उसका दंडादेश क्यों आगे नहीं बढ़ाया जाए, कारण दर्शाने में उसके दोष सिद्ध होने के विरुद्ध भी