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सिविल प्रक्रिया संहिता दंड प्रक्रिया संहिता
कारण दर्शाने को अधिकृत होगा। धारा 440
अपने पुनरीक्षण के अधिकारों को निष्पादित कर रहे किसी न्यायालय के समक्ष व्यक्तिगत रूप से या अधिवक्ता द्वारा सुने जाने का अधिकार किसी पक्ष को नहीं हैः
परंतु कि न्यायालय यदि उपयुक्त
समझता है, जब अधिकारों का निष्पादन
करते हुए किसी पक्ष को या तो व्यक्तिगत
रूप से या अधिवक्ता द्वारा सुना जाता है
और कि इस धारा में कुछ भी धारा 439
और उपधारा (2) को प्रभावित करने वाला
नहीं समझा जाएगा।
संदर्भ एक प्रेसीडेंसी मजिस्ट्रेट यदि वह
उपयुक्त सोचता है, किसी विधि के प्रश्न
ऐसी शर्तों एवं सीमाओं के अधीन को जो उसके समक्ष लंबित किसी वाद की जैसी कि वे निर्धारित की जा सकती हैं, सुनवाई में उत्पन्न होता है, उच्च न्यायालय कोई न्यायालय एक वाद को व्यक्त करते की सम्मति के लिए संदर्भित कर सकता है हुए और उसे न्यायालय की सम्मति के या ऐसे किसी वाद में ऐसे संदर्भ पर उच्च लिए संदर्भित कर सकता है और उच्च न्यायालय के निर्णय के अधीन निर्णय दे न्यायालय उस पर ऐसा आदेश, जैसा वह सकता है और ऐसे निर्णय को लंबित करते उपयुक्त समझे, कर सकता है। हुए या तो अभियुक्त को कारागार के लिए
उपार्पित कर सकता है या उसे निर्णय के
समय न्यायालय में उपस्थित होने के लिए
प्रतिभूति पर मुक्त कर सकता है।
धारा 433
(1) जब एक प्रश्न इस प्रकार संदर्भित
कर दिया गया है, उच्च न्यायालय उस पर
जैसा समझे, ऐसा आदेश पारित करेगा और
उस ऐसे आदेश की एक प्रति उस मजिस्ट्रेट