पुनरीक्षण अधिकारिता - Page 62

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सिविल प्रक्रिया संहिता दंड प्रक्रिया संहिता

व्यक्ति का ऐसी संहिता के किसी प्रावधान के अंतर्गत एक शास्ति को आरोपित करने या संरोध को निर्देशित करने का एक आदेश_

(i) नियमों के अधीन किया गया कोई आदेश, जिसकी अपील नियमों द्वारा स्पष्टतः अनुमत हैः उपबंधित कि, कोई आदेश या कम धन की अदायगी के लिए कोई आदेश, निश्चित रूप से नहीं किया गया, को छोड़कर उपबंध (ff) में उल्लिखित किसी आदेश के विरुद्ध कोई अपील स्वीकार्य नहीं होगी।

(2) इस धारा के अंतर्गत अपील में पारित किसी आदेश से कोई अपील स्वीकार्य नहीं होगी।

धारा 105

(1) जैसे कि अन्यथा स्पष्ट रूप से प्रावधानित है, को छोड़कर एक न्यायालय द्वारा उसके मौलिक या अपीलीय क्षेत्राधिकार के निष्पादन में किए गए किसी आदेश से कोई भी अपील स्वीकार्य नहीं होगी, किंतु जहां एक डिक्री किसी त्रुटि, दोष या अनियमितता के आदेश से वाद के निर्णय को प्रभावित करने वाली हो, तो इसे अपील के ज्ञापन में एक आधार के रूप में प्रयुक्त किया जा सकता है।

(2) तथापि उपधारा (1) में धारित कोई बात जहां इस संहिता के लागू होने के बाद किए गए अतिप्रेषण के आदेश से व्यथित कोई पक्ष जिसमें अपील स्वीकार्य होते हुए भी अपील नहीं करता है, तो वह उसके बाद उसकी शुद्धता पर विवाद करने से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।

विभाग का सत्र न्यायाधीश उसको बताता है।

धारा 410 कोई व्यक्ति सत्र न्यायाधीश या अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पारित अन्वीक्षण पर दोषसिद्ध होने पर उच्च न्यायालय में अपील कर सकता है।

धारा 411 कोई व्यक्ति एक प्रेसीडेंसी मजिस्ट्रेट द्वारा आयोजित एक अन्वीक्षण में दोष सिद्ध होने पर उच्च न्यायालय में अपील कर सकता है, यदि मजिस्ट्रेट ने उसको छह मास से अधिक के कारावास या दो सौ रुपए से अधिक शास्ति का दंडादेश दिया है।

धारा 411 A धारा 449 के प्रावधानों के पूर्वाग्रहों के बिना उसके मौलिक दंड क्षेत्राधिकार के निष्पादन में एक उच्च न्यायालय द्वारा किए गए अन्वीक्षण में दोष सिद्ध कोई व्यक्ति धारा 418 अथवा धारा 423 उपधारा (2) अथवा उच्च न्यायालय के अधिकार लेख में धारित किसी बात के होते हुए भी उच्च न्यायालय में अपील कर सकता हैः (अ) किसी अपील के आधार को, जो केवल विधिक विषय को समाहित करता है, पर अभिसंशा के विरुद्ध_ (ब) अपीली न्यायालय की अनुमति के साथ, अथवा न्यायाधीश, जिसने वाद का अन्वीक्षण किया था के प्रमाण पत्र पर कि यह अपील के लिए उपयुक्त वाद है, या अपील के किसी अन्य आधार पर, जो केवल विधि एवं सत्यमिश्रित एक विषय