पुनरीक्षण अधिकारिता - Page 67

50 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

(1861) 7 एच. एवं एन. 477

एम. ने रेलवे कंपनी से अपने घोड़ों को लिवरपूल के निकट एजहिल से वुल्वर हेम्पटर्न तक ट्रकों में ले जाने के लिए एक संविदा की, जो घोड़ों को ले जाने के लिए उपयुक्त और बिल्कुल ठीक हो।

एम. ने एक घोषणापत्र भरा जिसमें उसने व्यक्त किया कि घोड़े का मूल्य दस पाउंड से अधिक प्रति घोड़ा न हो। रेलवे द्वारा चल रही व्यवस्था में घोड़ों को ले जाने के ढंग थे। एक था, मालिक एक ट्रक में जितने घोड़े ले जाना चाहे, उतने भेजने का था। दूसरा तरीका था घोड़ों को घोड़े के बक्सों से भेजने की। जिसमें प्रत्येक घोड़ा अलग घुड़साल में रखा जाए। दूसरे तरीके में घोड़े ले जाने का किराया ले जाने की दर पहले तरीके से तीन गुना अधिक थी। एक और नियम था कि रेलवे 10 पाउंड से अधिक मूल्य के घोड़ों को ट्रकों में ले जाएगी।

यातायात में, रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए गए ट्रकों में खराबी होने की वजह से, कुछ घोड़े घायल हो गए। एम. ने इस आधार पर नुकसान-क्षति को माना कि प्रत्येक घोड़े का मूल्य 10 पाउंड से 25 पाउंड हुआ, जिस धन राशि को अदा करने के लिए रेलवे सहमत थी, चूंकि उन्होंने स्वीकार किया था कि ट्रक खराब था। वादी ने दावा किया कि घोड़े का वास्तविक मूल्य 40 और क्षति 55 (पचपन) पाउंड हो गई।

यह सक्रिय दुर्निरूपण का एक मामला है।

दृष्टांतः-((2) मुन्नूलाल बनाम लाला चुन्नीलाल।

1 आई.ए. 144

रीपसिंह ऋणी था किन्तु काफी सम्पदा का अधिकारी था। एम. उसका बैंकर था। 9 अक्टूबर 1863 को एम. ने आर. से 20,000 रु. से लिए गए ऋण को सुरक्षित करने के लिए, एक सम्पदा को गिरवी रखा। 19 अगस्त 1863 को आर. ने उसी सम्पत्ति को सी. को बेच दिया। जब क्रय के लिए आर. एवं सी. के बीच मोल-तोल घटित हुआ, एम. उपस्थित था और उसमें उसने भाग लिया और सी. के द्वारा पूछताछ करने पर उत्तर में उसको विश्वास दिलाया कि उसका सम्पदा पर कोई ग्रहणाधिकार नहीं था।

1869 में एम. ने सी. के विरुद्ध अपने बन्धक पत्र की अदायगी को प्रवर्तित करने के लिए मामला दाखिल किया। वह विबंधित किया गया।

यह भी सक्रिय दुर्निरूपण का मामला था।

ब. निरूपण अनभिज्ञ दुर्निरूपण हो सकता है।

दृष्टांतः- गॉल्ड बनाम पबॉक लोकल बोर्ड

(1881) 50 एल.जे. (एम.सी.) 44

गॉल्ड से सम्बन्धित कतिपय परिसरों को गंदी दशा में रखा गया था। बोर्ड ने उसे कुछ सुधार करने के लिए कहा जिसे करना गॉल्ड ने अस्वीकार कर दिया। जब बोर्ड ने उसे यह व्यक्त करते हुए नोटिस दिया कि यदि दिए गए समय के अंदर सुधार नहीं