पुनरीक्षण अधिकारिता - Page 79

62 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

वे जो इंद्रियों से अनुभव किए जा सकते हैं और वे जो अनुभव नहीं किए जा सकते। वे जो इन्द्रियों से अनुभव नहीं किए जा सकते हैंः (1) अभीच्छा, (2) छल, (3) सद्विश्वास और (4) ज्ञान।

विषय जिनके लिए विधि प्रमाण अनुमत करती है।

(1) विवाद्यक तथ्य 3, 5, 12

(2) विवाद्यक तथ्यों के सुसंगत तथ्य 3, 6, 7, 8, 9, 13-16, 52-58,

45-51

(3) तथ्य जो विवाद्यक तथ्यों के या सुसंगत तथ्यों या जो विवाद्यक तथ्यों और

सुसंगत तथ्यों की संभावना को दर्शाते हैं। 34, 39-46

टिप्पणी - अपवादों के रूप में 31, 32 प्रत्यक्ष साक्ष्य के अंतर्गत जाएंगे।

(4) तथ्य जो 11 (1) के साथ असंगत हैं।

विवाद्यक तथ्य या सुसंगत तथ्यों के साथ। 17-31

या जो एक विवाद्यक विषय या सुसंगत तथ्य की असंभावना को दर्शाते हैं। 41-44, 46

विवाद्यक तथ्य

धारा 3

विवाद्यक तथ्य की दो आवश्यकताएं हैंः

1. यह एक आवश्यक तथ्य है

एक विवाद्यक तथ्य, वह तथ्य है जो एक पक्ष द्वारा एक दूसरे पक्ष पर या उसके विरुद्ध दावा किए गए अधिकार या दायित्व को आरोपित किए जाने का सही आधार है।

एक विवाद्यक तथ्य एक तथ्य है जिसका प्रमाण स्वीकृत होने वाले या आरोपित होने वाले दायित्व के लिए आवश्यक है।

दृष्टांतः-

  1. मानते हुए कि जांच होनी है कि अ, ब की संपत्ति को उसके पुत्र के रूप में

उत्तराधिकार में लेने का हकदार है।

निम्नलिखित तथ्य आवश्यक तथ्य होंगेः

(अ) क्या अ, ब का पुत्र है?

(ब) क्या ब मृत है?

(स) क्या संपत्ति ब की है?

वे आवश्यक तथ्य हैं क्योंकि जब तक कि वे प्रमाणित नहीं किए जाते हैं कि अ का उत्तराधिकार लेने का दावा स्वीकृत नहीं किया जा सकता। वे उसके दावे के आधार हैं।