पुनरीक्षण अधिकारिता - Page 81

64 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

बीजक से साबित है कि माल अ द्वारा ब के लिए खरीदा गया। स ने अ पर धन

को निकाला। ब ने क्रय के लिए ज्ञापन पाने और अ के द्वारा बिलों के स्वीकृत

होने के बाद अ को बड़ी धनराशि भेजी। उसी समय में अ दिवालिया हो गया।

स ने प्रमुख रूप से ब पर मामला दर्ज किया।

ब ने अपने लेखा-खातों का साक्ष्य देना चाहा यह दर्शाने के लिए कि उसके द्वारा

प्रमुख के रूप में ब नाम लिखा गया।

निर्णय था कि साक्ष्य अमान्य था।

स्मिथ बनाम एंडर्सन 7 सी.बी. 21

II. प्रत्येक संबंधित तथ्य नहीं है जो सुसंगत है। केवल तथ्य एक विशेष विषय में संबंधित है जो सुसंगत है। साक्ष्य नियम निर्धारित करता है कि किस प्रकार एक विशेष तथ्य विवाद्यक तथ्य के साथ क्रम में संबंधित होना चाहिए कि वह एक सुसंगत तथ्य के रूप में माना जा सकता है।

  1. विवाद्यक तथ्यों में समाविष्ट उसी कार्यवाही का भाग होने वाले तथ्यों को प्रमाण माना जाता है।

दृष्टांत (अ), (स) (द) लें।

संव्यवहार से क्या अभिप्राय है?

संव्यवहार ऐसे संयुक्त तथ्यों का एक समूह है कि वे एक नाम से चलते हैं जैसे कि एक अपराध, संविदा, विक्रय आदि।

अपराध या संविदा के साथ कोई संबंधित बात यदि वह प्रत्यक्ष एवं दृश्य है जैसे स्पष्ट और निकटवर्ती, वह उसी कार्यवाही का अंग है और सुसंगत है।

संव्यवहार में क्या शामिल है?

संव्यवहार न केवल किए गए कार्यों को वरन् संव्यवहार के क्रम में किए गए कथनों को भी शामिल करता है।

दृष्टांतः-

महिला की चीत्कार जब बलात्कार किया गया। कथन उसी संव्यवहार के भाग होने चाहिए और साथ-साथ चलने चाहिए।

उसी संव्यवहार से क्या तात्पर्य है?

  1. वैसा ही का तात्पर्य समान नहीं होता है। समान संव्यवहार की शृंखला का साक्ष्य

असंगत है।

  1. वैसे ही संव्यवहार का अभिप्राय उस संव्यवहार से नहीं है जो उसी समय और उसी

स्थान पर घटित हुआ है, इसका घटना के समय और स्थान की समकालिकता के

साथ कुछ भी लेना-देना नहीं है।