66 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
अपमृत्यु - विचारणा का परिहार करना।
- आर. बनाम लिलीमेंन - कॉकल पी. (1896) 2 क्यू.बी. 167
- एक तथ्य का प्रमाण अनुमत किया जाता है जो एक पक्ष, जो किसी वाद का
आचरण दिखाता है, बाद का जो ऐसे वाद से संदर्भित होता है या जो कि किसी
विवाद्यक तथ्य या किसी सुसंगत तथ्य का संदर्भ रखता है। उसी प्रकार एक तथ्य
जो एक अभियुक्त के आचरण को दर्शाता है यदि ऐसा आचरण किसी विवाद्यक
तथ्य द्वारा या किसी सुसंगत तथ्य द्वारा प्रभावित होता है और प्रभावित करता है।
1. व्यक्तियों का सामान्यतः आचरण
दृष्टांत - ई वसीयत का किया जाना। वसीयत किए जाने से कुछ समय पूर्व मृतक ने पूछताछ की और सुसंगत प्रारूप बनाए।
अभियुक्त का आचरणः
दृष्टांत-(ई) साक्षियों से झूठे साक्ष्य दिलाना।
दृष्टांत(ह) फरार हो जाना।
दृष्टांत-(ह) वस्तुओं (या तथ्यों) को छुपाना।
स्पष्टीकरणः-
- आचरण कथन को तब तक शामिल नहीं करता है, जब तक कि कथन
आचरण के साथ नहीं होता है और आचरण का स्पष्टीकरण नहीं करता
है।
- यदि आचरण सुसंगत है तब
एक कथन जो आचरण को प्रभावित करता है सुसंगत है यदि वह व्यक्ति से या उसकी उपस्थिति और सुनवाई में किया गया था।
दृष्टांतः-
(ग) प्रश्न है क्या अ 10,000 रु. के लिए ब का ऋणी है। अ ने स से धन उधार देने को कहा और द ने अ की उपस्थिति और सुनवाई में कहा, फ्मैं आपको सलाह देता हूं कि अ पर विश्वास न करना, क्योंकि वह 10,000 रु. का देनदार हैय् और अ कोई उत्तर दिए बिना चला गया सुसंगत है।
वाद विधि
इम्प. 34 ओ. एम. एंड आर. 1087
इम्प. 7 इलाहाबाद 385 एफ.ई.
कॉकल्स-पृ. 75 ब्राइट बनाम फोयबी ताथम।
- तथ्य जो एक विवाद्यक तथ्य या एक सुसंगत तथ्य को स्पष्ट करने या सन्निविष्ट