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करने के लिए आवश्यक है? के प्रमाण अनुमत किए जाते हैं।
दृष्टांतः-
(द) अपराध के लिए अभियोग पत्र पर यह आरोपित था कि अभियुक्त पलायन कर रहा था।
साक्ष्य दिया जा सकता है यह दर्शाने के लिए कि उसको अत्यावश्यक कार्य था।
(फ) अ उपद्रव में आक्रमण करने या पुलिस अधिकारी पर हावी होने के लिए विचारणीय है और एक भीड़ के आगे संचालन करता हुआ प्रमाणित है। कार्य की प्रकृति का स्पष्टीकरण करने के लिए भीड़ के नारों का साक्ष्य दिया जा सकता है।
(ब) मानहानि के मुकदमे में - अपमानजनक आचरण का अभ्यारोपण करते हुए विवाद्यक विषय के परिचायक के रूप में नित-समय पर लेख प्रकाशित था, पक्षों के अवस्थिति और संबंधों का साक्ष्य दिया जा सकता है। इसके अधीन साक्ष्य दिया जा सकता हैं।
(1) एक व्यक्ति या वस्तु की पहचान, जिसकी पहचान प्रश्नगत है।
(2) ठीक समय एवं स्थान का जिस पर एक विवाद्यक तथ्य अथवा सुसंगत तथ्य
घटित हुआ।
(3) विवाद्यक तथ्य या सुसंगत तथ्य के पक्षों के सम्बन्ध का।
किसी मनोदशा के अस्तित्व को दर्शाते हुए तथ्यों का प्रमाण अनुमत किया जाता है।
इसके अन्तर्गत, तथ्यों को प्रमाणित किया जा सकता है, जो अभिच्छा ज्ञान, सद्विश्वास, असावधानी, दुरेच्छा या शुभेच्छा को दर्शाते हैं।
इसके अंतर्गत पूर्ववर्ती दृढ़ धारणा का साक्ष्य दिया जा सकता है।
दृष्टांत (ब)
- धारा के उपयोग पर सीमाबन्धन ।
(1) मनोदशा जिसका साक्ष्य दिया जाता है, सामान्य मनोदशा नहीं है - सामान्य चित्तवृत्ति - लेकिन यह मनोदशा जो प्रश्नगत मामले के प्रति संदर्भ रखती है।
(2) प्रश्नगत विशेष मामले के संबंध में उसकी मनोदशा को दर्शाने के लिए पूर्ववर्ती अपराधकरण का साक्ष्य होना चाहिए और किसी अन्य प्रयोजन के लिए नहीं।
- तथ्यों का प्रमाण यह दर्शाने को अनुमत किया जाता है कि किया गया क्रमबद्ध कार्य उसी प्रकार के कार्यों की शृंखला का एक अंग था, वह दर्शाने के लिए कि प्रश्नगत कार्य जानबूझ कर किया गया था और अचानक नहीं।
दृष्टांत
(अ) (ब)
- साधारणतः उसी प्रकार के कार्यों का साक्ष्य सुसंगत नहीं है क्योंकि यदि एक