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- कुछ शर्तों के अध्याधीन स्थायी आदेश संशोधित किए जा सकतें हैं।
नियमों और स्थायी आदेशों के भिन्न प्रयोजन
दो प्रश्नः
एक विधानमंडल किन मामलों पर चर्चा कर सकता है और इसके अधिकार क्षेत्र में क्या है।
यह मानते हुए कि कोई मामला उसके अधिकार-क्षेत्र में है, उस विशेष मामले पर किस प्रकार वाद-विवाद होगा। उसे वाद-विषय कैसे बनाया जाएगा? सदस्य किस क्रम से बोलेंगे? क्या बोलने में किसी को प्राथमिकता मिलती है? मत कैसे रिकॉर्ड किए जाते हैं? उनकी गिनती कैसे की जाती है? उनका मूल्यांकन कैसे किया जाता है?
कार्यवाही नियमों के अनुसार सुलझाई जाती है अथवा दूसरा स्थाई आदेशों के आधार
पर सुलझाई जाती है। अधिनियम की भाषा प्रयोग करने के लिएः-
कार्यवाही के अनुक्रम का विनियमन करते हैं। स्थायी आदेश कार्य संचालन का विनियमन करते हैं।
कायवाही के नियम और कार्य की स्वतंत्रता
क्या कार्यवाही नियम विधायकों को अपने कृत्यों का निर्विघ्न प्रयोग करने के लिए आवश्यक स्वतंत्रता देते हैं?
नियम 8 ः
लोक महत्त्व के किसी विषय पर जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रश्न पूछा जा सकता है जिसकी सूचना विशेष रूप से उस सदस्य को देनी होगी, जिसके नाम प्रश्न है।
सूचना की अवधिः
(क) यदि प्रश्न मुख्यता स्थानीय सरकार से सम्बन्धित विषय के बारे में नहीं है तो
अध्यक्ष उसे अस्वीकार कर सकता है।
(ख) अध्यक्ष द्वारा स्वीकृत कोई प्रश्न राज्यपाल द्वारा अस्वीकार किया जा सकता
है यदि वह निम्नलिखित के बारे में हैः
(i) कोई मामला जो महामहिम की सरकार या भारत सरकार के महामहिम या
राज्यपाल या विधानमंडल के राज्यपाल के अन्य देशों के साथ सम्बन्धों
को प्रभावित करता है।