42 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
के राज्य किया। केवल राजपूताना और सिन्ध ही ऐसे क्षेत्र थे जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं थे। पहले इनकी राजधानी पाटलीपुत्र थी, लेकिन बाद में कौशाम्बी और अयोध्या राजा के निवास-स्थान हो गए।
गुप्तों का पतन हूणों, एफथेलाइट ख्1, या हवाइट हूणों ताकि स्पष्टतया हूणों की एक शाखा जैसे बर्बर लोगों के आक्रमण से हुआ, जिन्होंने यूरोप पर आक्रमण किया। यह शाखा एशिया में पीछे रह गई और उत्तरी परशिया पर कब्जा कर लिया। इन्होंने भारत पर पहला आक्रमण 455 ई. में किया, और पराजित हुए। लेकिन करीब 490 ई. में और अधिक बल के साथ लौटे और गुप्तों को तहस-नहस किया। 540 ई. तक उनके राजा तोरमन ओर मिहिरगुल का उत्तरी भारत पर अधिकार रहा। उनकी स्थानीय राजधानी पंजाब में सियालकोट में थी हालांकि उनका हैडक्वार्टर बार्मियान और बलख में था। मिहिरगुल के अत्याचारों से त्रस्त होकर हिन्दू राजा एकजुट हो गए और उन्होंने हूणों को उत्तर की ओर भगा दिया। 565 ई. के करीब फारसी और तुर्की सेनाओं ने मिलकर उनका समूल विनाश कर दिया। यद्यपि इन्होंने कोई स्थायी राज्य स्थापित नहीं किया, फिर भी इनका आक्रमण महत्त्वपूर्ण था, क्योंकि जब उनकी राजनैतिक सत्ता टूटी तो उनमें से बहुत लोग गुर्जर समुदाय में शामिल हो गए और शक तथा कुषाणी की भांति उत्तरी-पश्चिमी भारत के जनसमुदाय विशेष रूप से राजपूत वंशों का अँग बन गए।
हुणों की हार के पश्चात् एक बार फिर अंधकार युग आया। लेकिन सातवीं शताब्दी के आरंभ में थानेश्वर के राजा हर्ष ने (606-647 ई.) 35 वर्षों की लड़ाई के बाद एक राज्य स्थापित किया जो उनके जीवन पर्यन्त तक भी नहीं चला, कुछ समय के लिए गुप्त साम्राज्य बड़ा विस्तृत और सम्पन्न हो गया। चीन के तीर्थ-यात्री ह्वांग चांग, जो उसके दरबार में कन्नौज में आया था, के विवरण से पता चलता है कि बंगाल, आसाम और उज्जैन के राजा उनके जागीरदार थे, लेकिन पंजाब, सिंध व कश्मीर स्वतंत्र थे। दक्षिण में बंगाल, कलिंगा को जनशून्य कर दिया गया था लेकिन हर्ष दक्कन के चालुक्य राजा पुलैकेसिन II को पराजित नहीं कर सका।
अब हम थोड़ी देर के लिए दक्षिण के इतिहास पर नजर डालेंगे। घटनाओं और कालक्रम की दृष्टि से यह उत्तर की अपेक्षा अधिक अंधकारमय है, लेकिन हमें द्रविड़ के देशों को निर्धन और बर्बर नहीं समझना चाहिए। यूरोप के प्रतिष्ठित लेखकों को भी इनकी कुछ जानकारी थी। राजा पंड्या (पांडियन) ने 20 ई. पू. में एक मिशन आगस्टस
1. विन्सैन्टमिया की फ्अर्ली हिस्ट्री ऑफ इण्डियाय् 1908 पृष्ठ 40 देखिए 2. स्टारबो X V. 4, 73
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