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निम्नलिखित पत्र से ज्ञात हो जाएगा कि मनु का कानून देश का कानून था, या नहीं।
फ्सेवा में,
दामुलसेट त्रिम्बकसेर
सुनारों की जाति के मुखिया,
फ्सभा के आदरणीय अध्यक्ष सुनार जाति के लिए उचित समझ कर नमस्कार करने के तरीकों को रोकने के लिए आपको पहले ही इस प्रस्तावित आदेश की जानकारी दी जाती है कि आप संपूर्ण जातति की चिंता करें और सख्ती से मानें।
बम्बई महल आदेश से
9 अगस्त, 1979 ह.-डबलू पेज
सराकार का सचिव
सरकार का प्रस्ताव
ता. 28 जुलाई, 1979
फ्कुछ समय से छोटे-छोटे झगड़े सुनार व ब्राह्मणों के बीच फ्नमस्कारय् शब्द को लेकर हो रहे हैं कि बाद वाले नमस्कार का प्रयोग करते हैं, और ब्राह्मणों का आरोप है कि ऐसा करने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है एवं इस उत्सव का सुनारों द्वारा मनाना महान जैन्टू (हिंदू) के अधिकारों का उल्लंघन है, इस बारे में हमको ब्राह्मणों की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं तथा पेशवा ने भी अनेक बार अनुरोध करते हुए अध्यक्ष को लिखा है कि वे सुनारों को इस शब्द का इस्तेमाल करने से रोकें। उनके अनुसार, इस मामले का निर्णय हमारे द्वारा होना चाहिए जिससे दो जातियों के बीच के झगड़े को हमेशा के लिए समाप्त किया जा सके, और ब्राह्मणों के पास शिकायतों के कारण हैं कि सुनारें को ‘नमस्कार’ शब्द का उपयोग करने से रोका जाए, इसमें कम्पनी की कोई रुचि नहीं है, हमारा प्रस्ताव पेशवा के चरणों में रखा जाए कि वह हमारे प्रस्ताव की जानकारी अध्यक्ष को करा दें।य्