9. अधिक बदतर क्या है-दासता या छुआछुत? - Page 84

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अपनाई जाती रही और यदि ब्रिटिश सरकार ने इसे कानून बना कर उसी वर्ष समाप्त न किया होता तो यह आज तक बनी रहती। जब तक दासता चलती रही यह दोनों छूतों और अछूतों में विद्यमान थी। अछूत अपनी गरीबी के कारण छूतों की अपेक्षा गुलामी के अक्सर शिकार हुए। यही कारण है कि 1843 तक भारत में अछूतों को दोहरे बंधन का शिकार होना पड़ा - एक दासता का बंधन और दूसरा छुआछूत का बंधन। हल्के बंधन को काट दिया गया है और अछूत को इससे स्वतंत्र कर दिया गया है। लेकिन, क्योंकि अछूत आज दासता की जंजीर पहने दिखाई नहीं देते, यह नहीं मान लेना चाहिए कि वे कभी दास नहीं रहे। ऐसा करने के लिए इतिहास के सभी पन्ने फाड़ने होंगे।

पहला दावा इतना बेतहाशा नहीं किया गया है। लेकिन दूसरा बहुत ही बेतहाशा दावा है। एक महान समाज-सुधारक और अछूतों के एक बड़े मित्र लाला लाजपत राय ने हिन्दू समाज पर सुश्री मेयो द्वारा लगाए गए अभियोग के उत्तर में ज़ोर देकर कहा कि दासता की तुलना में छुआछूत एक बहुत ही छोटी-सी बुराई है और उन्होंने अपने निष्कर्ष की पुष्टि करने के लिए अमरीका के नीग्रो की भारत के अछूत से तुलना की तथा यह सिद्ध कर दिया कि उनका निष्कर्ष सही है चूँकि यह लाला लाजपत राय का निष्कर्ष है, इस मामले पर गहराई से विचार करने की आवश्यकता है।

क्या छुआछूत दासता से कम हानिकारक है? क्या दासता छुआछूत से कम मानवीय थी? क्या दासता उन्नति के मार्ग में छुआछूत की अपेक्षा अधकि रुकावट डालती थी? लाला लाजपत राय द्वारा विवाद खड़ा किए जाने के बावजूद ये प्रश्न महत्त्वपूर्ण हैं और इन पर चर्चा रुचिकर तथा शिक्षाप्रद होगी। इस अंतर को समझने के लिए यह आवश्यक है कि चर्चा आरंभ करने से पहले दासता शब्द का अर्थ स्पष्ट कर दिया जाए। यह आवश्यक है क्योंकि दासता तो नहीं लेकिन दासता जैसे सामाजिक संबंधों को छिपाने के लिए दासता शब्द का लाक्षणिक प्रयोग किया जाता है चूँकि पत्नी पूर्णतः पति के अधि कार में होती थी, चूँकि वह कभी-कभी उसका दुरुपयोग करता था और उसकी हत्या कर देता था, चूँकि पति अपनी पत्नी दूसरे की पत्नी से बदल लेता था या किराए पर दे देता था और चूँकि वह उससे अपने लिए कार्य कराता था, पत्नी को कभी-कभी दास की संज्ञा दे दी जाती थी। इस शब्द के लाक्षणिक प्रयोग का एक और उदाहरण कृषि दास है। चूँकि कृषि दास निश्चित दिन काम करता था, निश्चित सेवाएं करता था, मालिक को निश्चित पैसा देता था और खेती-योग्य जमीन से जुड़ा हुआ था इसलिए उसे दास कहा जाता था। ये स्वतंत्रता कम करने के उदाहरण हैं और अधिकांशतः ये दासता जैसे हैं क्योंकि दासता में ही तो स्वतंत्रता समाप्त कर दी जाती है। लेकिन कानून में इस शब्द का प्रयोग इस भाव से नहीं लिया जाता है और परस्पर विरोधी तर्क देने के बजाए यह बेहतर होगा कि शब्द दासता के कानूनी अर्थ के आधार पर तुलना की जाए।