9. अधिक बदतर क्या है-दासता या छुआछुत? - Page 92

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बुद्धिमान होते थे उनको शिल्पकारों के रूप में प्रशिक्षित किया जाता था और उनको पट्टठ्ठे पर दूसरों को दिया जाता था। दास शिल्पकारों को साधारण लोगों की अपेक्षा दुगनी कमाई होती थी। मालिक शिल्पकारों का अपना स्टाफ होता था। इस प्रणाली के अधिक जटिल हो जाने पर कुछ शिल्पकार मालिक अपने दास शिल्पकारों के लिए किराए पर दास देने लगे। बहुत से शिल्पकार दासों को सामान्य से अधिक आय होती थी जिसे वे बचाकर अपनी आजादी खरीद लेते थे।य्

फ्भगोड़ों के लिए विज्ञापन और बिक्री से इस शिल्प के महत्त्व का पता चलता है। उन्हें गरीब गोरे मजदूरों के बराबर अथवा उनसे अधिक मजदूरी मिलती थी और मालिक के प्रभाव से उनको अच्छे से अच्छा काम मिल जाता था। एथेन्स, जार्जिया में राज-मिस्त्री और बढ़ई के काम का ठेका लेने वाले लोगों से 1838 में याचना की गई कि वे नीग्रो मजदूरों को प्राथमिकता देना बंद कर दें। गोरा आदमी ही इस देश और राज्य का वास्तविक कानूनी, नीति-सम्मत और वैधानिक मालिक है। गोरे लोगों को मालिकाना अधकिर उनके अध्ययन की तारीख से ही मिल जाते थे। कापरनिकस और गैलीलियो ने खोज की कि जमीन गोल है_ जिससे दूसरे गोरे व्यक्ति कोलम्बस को संकेत मिला कि पश्चिमी देशों की ओर जल-मार्ग से जमीन की खोज की जा सकती है। अतः गोरे लोगों द्वारा ही इस महाद्वीप की खोज की गई_ उन गोरे लोगों द्वारा जिन्हें आप भूखे मरने वाले अपने परिवारों के लिए रोटी या कपड़े के लिए धन नहीं देते, तार्किक रूप से उन्हें काम न देकर बदले में नीग्रो का समर्थन करते हैं।य् 1858 में एटलांटा में दो गोरे मिस्त्रियों और मजदूरों ने अन्य भागों में रहने वाले मालिकों की काले दास शिल्पकारों से रक्षा के लिए हस्ताक्षर करके याचिका दी। अगले वर्ष विविध गोरे नागरिक दुखी हो गए। कि नगर की सभा ने दाँतों के एक नीग्रो डॉक्टर को उनके बीच रहने और काम करने दिया है। ‘हमारे तथा समुदाय के प्रति न्याय करने के लिए इसे हटा दिया जाना चाहिए। हम एटलांटा के निवासी आपसे न्याय की अपील करते हैं’। 1819 में जार्जिया के रिचमांड प्राँत में स्वतंत्र नीग्रो की जनगणना से पता चला कि बढ़ई, नाई, नाव की डाट लगाने वाले, जीनसाज़, कताई करने वाले, चक्की बनाने वाले, पिस्तौल रखने का चमड़े का डब्बा या बेल्ट बनाने वाले, बुनकर, औजार बनाने वाले, आरा मिल में काम करने वाले और भाप की नाव चलाने वाले नीग्रो थे। एक नीग्रो मोची ने हाथ से बूट बनाए। जिन पर राष्ट्रपति युनरो उद्धृत था। मोंटीसेलो में थॉमस जैफरसन के घर के बढि़या ढंग से टाइलों से बने फर्श में दासों की कारीगरी पर हैरिट मार्टिन्यू को बड़ा आश्चर्य हुआ था। पुराने बगीचे के बड़े मकान में अभी भी नीग्रो शिल्पकारों के हाथों के विशाल चिह्न मिलते हैं_ ये बड़े-बड़े महल बलूत की लकड़ी के बने हैं जिन्हें लकड़ी की कीलों से जोड़ा गया है। नीग्रो महिलाएँ जो कताई और बुनाई में निपुण थीं कारखानों में