100 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
138. भारत का राजपत्र, असाधारण, 26 फरवरी, 1948
भाग 1
संघ और उसका राज्यक्षेत्र तथा अधिकारिता
संघ का नाम और राज्यक्षेत्र
(1) भारत राज्यों का संघ होगा।
(2) राज्यों से तात्पर्य उन राज्यों से है जो इस समय पहली अनुसूची के भाग I,
II और III में विनिर्दिष्ट हैं।
(3) भारत के राज्यक्षेत्र में शामिल होंगे-
(क) राज्यों के राज्यक्षेत्र_
(ख) पहली अनुसूची के भाग I में तत्समय विनिर्दिष्ट राज्यक्षेत्र_ और
(ग) ऐसे अन्य राज्यक्षेत्र जो अर्जित किए जाएं।
नए राज्यों का 2. संसद, विधि द्वारा, ऐसे निबंधनों और शर्तों पर जो वह ठीक प्रवेश या समझे, संघ में नए राज्यों को प्रवेश दे सकेगी या उनकी स्थापना कर स्थापना सकेगी।
नए राज्यों का 3. संसद विधि द्वारा-
निर्माण और (क) किसी राज्य में से उसका राज्यक्षेत्र अलग करके अथवा दो वर्तमान राज्यों या अधिक राज्यों को या राज्यों के भागों को मिलाकर_ के क्षेत्रों, (ख) किसी राज्य का क्षेत्र बढ़ा सकेगी_ सीमाओं या (ग) किसी राज्य का क्षेत्र घटा सकेगी_ नामों में (घ) किसी राज्य की सीमाओं में परिवर्तन कर सकेगी_ परिवर्तन (ड.) किसी राज्य के नाम में परिवर्तन कर सकेगीः
परंतु इस प्रयोजन के लिए कोई विधेयक संसद के किसी भी सदन में भारत सरकार के सिवाय और जब तक कि-