भाग 2 - नागरिकता - Page 121

102 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

भाग 2

नागरिकता

संविधान के 5. संविधान के प्रारंभ की तारीख को तारीख को - प्रारंभ की (क) प्रत्येक व्यक्ति जो स्वयं या जिसके माता-पिता में से कोई या नागरिकता जिसके दादा या दादी या नाना या नानी में से कोई इस संविधान में यथा परिभाषित भारत के राज्यक्षेत्र में जन्मा था और जिसने 1

अप्रैल, 1947 के पश्चात् किसी दूसरे देश में अपना स्थायी

आवास न बना लिया हो_ और

(ख) प्रत्येक व्यक्ति जो स्वयं या जिसके माता-पिता में से कोई

अथवा दादा या दादी या नाना या नानी में से कोई भारत शासन

अधिनियम, 1935 जिस रुप में वह उस समय में बनाया गया

था में यथा परिभाषित भारत में, या बर्मा, श्रीलंका या मलय में

जन्मा था और जिसने अपना अधिवास इस संविधान में यथा

परिभाषित भारत के राज्यक्षेत्र में किया हो, भारत का नागरिक

होगा। परंतु तभी जब उसने इस संविधान के प्रारंभ की तारीख

पर किसी दूसरे देश की नागरिकता अर्जित न की हो। स्पष्टीकरणः इस अनुच्छेद के खंड (ख) के प्रयोजनों के लिए किसी व्यक्ति का अधि वास भारत के राज्यक्षेत्र में समझा जाएगा-

(i) यदि भारत उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 के भाग 2 के अधीन उसका अधि

वास ऐसे राज्यक्षेत्र में होता यदि उस भाग के उपबंध उस पर लागू होते

अथवा

(ii) यदि, उसने, इस संविधान के प्रारंभ की तारीख से पूर्व, ऐसा अधिवास

अर्जित करने की अपनी इच्छा की लिखित घोषणा जिला मजिस्ट्रेट के

कार्यालय में जमा कर दी है तथा घोषणा की तारीख से पूर्व कम से

कम एक माह भारत के राज्यक्षेत्र में निवास किया है।

  1. संसद विधि द्वारा, नागरिकता के अर्जन और समाप्ति तथा उससे

सम्बद्ध अन्य सब विषयों के बारे में और उपबंध कर सकेगी।

समिति की राय है कि विधायन द्वारा या अन्यथा, घोषणाएं प्राप्त करने, ऐसी घोषणाओं के रजिस्टर रखने

तथा स्पष्टीकरण के खंड (ii) के प्रयोजन के लिए अन्य आनुषंगिक विषयों के लिए सहायक कार्रवाई

इस संविधान के प्रारंभ से पूर्व करनी होगी।