106 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
(3) उक्त खंड के उपखंड (ख) की कोई बात उक्त उपखंड
द्वारा प्रदत्त अधिकार के प्रयोग पर लोक व्यवस्था के हित
में, निर्बन्धन अधिरोपित करने वाली किसी विद्यमान विधि
के प्रवर्तन पर प्रभाव नहीं डालेगी अथवा राज्य को कोई
विधि बनाने से निवारित नहीं करेगी।
(4) उक्त खंड के उपखंड (ग) की कोई बात, उक्त उपखंड
द्वारा प्रदत्त अधिकार के प्रयोग पर, साधारण जनता के
हित में, निर्बन्धन अधिरोपित करने वाली किसी विद्यमान
विधि के प्रवर्तन पर प्रभाव नहीं डालेगी अथवा राज्य को
कोई विधि बनाने से निवारित नहीं करेगी।
(5) उक्त खंड के उपखंड (घ), (ड.) और (च) की कोई
बात, उक्त उपखंडों द्वारा प्रदत्त अधिकारों में से किसी के
प्रयोग पर या तो साधारण जनता के हित में या किसी
आदि जनजाति [*] के हितों के संरक्षण के लिए निर्बन्धन
अधिरोपित करने वाली किसी विद्यमान विधि के प्रवर्तन
पर प्रभाव डालेगी अथवा, राज्य को कोई विधि बनाने से
निवारित करेगी।
(6) उक्त खंड के उपखंड (छ) की कोई बात, लोक
व्यवस्था, सदाचार या स्वास्थ्य, के हितों में, उक्त उपखंड
द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रयोग पर निर्बन्धन अधिरोपित
करने वाली और विशिष्टतया किसी प्राधिकरण को या
किसी वृत्त को चलाने के लिए या कोई उपजीविका,
व्यापार या कारोबार करने के लिए आवश्यक वृत्त या
तकनीकी अर्हताएं विहित करने वाली या सशक्त करने
वाली किसी विद्यमान विधि के प्रवर्तन पर प्रभाव नहीं
डालेगी अथवा, राज्य को कोई विधि बनाने से निवारित
नहीं करेगी।
अपराधों के लिए 14. (1) कोई व्यक्ति किसी अपराध के लिए तब तक सिद्धदोष दोषसिद्धि के नहीं ठहराया जाएगा, जब तक कि उसने ऐसा कोई कार्य संबंध में संरक्षण करने के समय, जो अपराध के रुप में आरोपित है,
* . समिति की राय है कि इस अनुच्छेद में किसी भी अल्पसंख्यक समूह के लिए संरक्षण आवश्यक नहीं है।