भाग-3 - मूल अधिकार - Page 127

108 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

(2) इस अनुच्छेद की कोई बात लोक प्रयोजनों के लिए

अनिवार्य सेवा अधिरोपित करने से राज्य को निवारित नहीं

करेगी। ऐसी सेवा के अधिरोपण में राज्य मूल वंश, धर्म,

जाति या वर्ग के आधार पर कोई विभेद नहीं करेगा।

कारखानों आदि में 18. चौदह वर्ष से कम आयु के किसी बालक को किसी बालकों के नियोजन कारखाने या खान में काम करने के लिए नियोजित नहीं का प्रतिषेध किया जाएगा या किसी अन्य परिसंकटमय नियोजन में

नहीं लगाया जाएगा।

धर्म विषयक अधिकार

अंतःकरण की 19. (1) लोक व्यवस्था और स्वास्थ्य तथा इस भाग के अन्य और धर्म के उपबंधों के अधीन रहते हुए, सभी व्यक्तियों को अंतःकरण अबाध रुप से की स्वतंत्रता का और धर्म के अबाध रुप से मानने, मानने, आचरण आचरण करने और प्रचार करने का समान हक होगा। और प्रचार करने स्पष्टीकरण- कृपाण धारण करना और लेकर चलना की स्वतंत्रता सिख धर्म के मानने का अंग समझा जाएगा।

(2) इस अनुच्छेद की कोई बात किसी ऐसी विद्यमान विधि के

प्रवर्तन पर प्रभाव नहीं डालेगी या राज्य को कोई ऐसी

विधि बनाने से निवारित नहीं करेगी जो-

(क) धार्मिक आचरण से सम्बद्ध किसी आर्थिक, वित्तीय,

राजनैतिक या अन्य लौकिक क्रियाकलाप का विनियमन

या निर्बन्धन करती है।

(ख) सामाजिक कल्याण और सुधार के लिए या सार्वजनिक

प्रकार की हिन्दुओं की धार्मिक संस्थाओं को हिन्दुओं के

किसी वर्ग और भाग के लिए खोलने का उपबंध करती है।

धार्मिक कार्यों के 20. प्रत्येक धार्मिक संप्रदाय या उसके किसी भाग को- प्रबंध की तथा (क) धार्मिक और पूर्त प्रयोजनों के लिए संस्थाओं की धार्मिक और पूर्त स्थापना और पोषण का,

प्रयोजनों के लिए (ख) अपने धर्म विषयक कार्यों का प्रबंध करने का, सम्पत्तियों के (ग) जंगम और स्थावर सम्पत्ति के अर्जन और स्वामित्व का, स्वामित्व और अर्जन और

तथा प्रशासन की (घ) ऐसी सम्पत्ति का विधि के अनुसार प्रशासन करने का स्वतंत्रता अधिकार होगा।