अध्याय 1 - कार्यपालिका राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति - Page 136

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(ग) संसद के प्रत्येक सदन के प्रत्येक निर्वाचित सदस्य के मतों

की संख्या वह होगी जो उपखंड (क) और उपखंड

(ख) के अधीन राज्यों की विधानसभाओं के सदस्यों के

लिए नियत कुल मतों की संख्या को संसद के दोनों सदनों

के निर्वाचित सदस्यों की कुल संख्या से भाग देने पर

आए, जिससे आधे से अधिक भिन्न को एक गिना

जाएगा और अन्य भिन्नों की उपेक्षा की जाएगी।

(3) राष्ट्रपति का निर्वाचन आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के

अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होगा और ऐसे

निर्वाचन में मतदान गुप्त होगा।

स्पष्टीकरण- इस अनुच्छेद में, ‘‘राज्य के विधानमंडल’’

पद से जहां विधानमंडल में दो सदन हैं, विधानमंडल का

अवर सदन अभिप्रेत है तथा ‘‘जनसंख्या’’ शब्द से अंतिम

पूर्ववर्ती जनगणना में अभिनिश्चित की गई जनसंख्या

अभिप्रेत है।

राष्ट्रपति की 45. राष्ट्रपति अपने पदग्रहण की तारीख से पांच वर्ष की पदावधि अवधि तक पद धारण करेगा। परंतु-

(क) राष्ट्रपति राज्य सभा के सभापति को संबोधित अपने

हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपना पद त्याग सकेगा_

(ख) संविधान का अतिक्रमण करने पर राष्ट्रपति को अनुच्छेद

61 में उपबंधित रीति से चलाए गए महाभियोग द्वारा पद

से हटाया जा सकेगा।

(ग) राष्ट्रपति अपने पद की अवधि समाप्त हो जाने पर भी तब

तक पदधारण करता रहेगा जब तक उसका उत्तराधिकारी

अपना पद ग्रहण नहीं कर लेता है।

पुनर्निर्वाचन के 46. कोई व्यक्ति जो राष्ट्रपति के रुप में पद धारण करता है लिए पात्रता या कर चुका है, उस पद पर पुनर्निर्वाचन के लिए पात्र

होगा किंतु केवल एक बार ही।

राष्ट्रपति निर्वाचित 47. (1) कोई व्यक्ति राष्ट्रपति निर्वाचित होने का पात्र तभी होने के लिए होगा जब वह-

अर्हताएं (क) भारत का नागरिक है_