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(घ) लोक प्रशासन और समाज सेवा।
(3) राज्यसभा में पहली अनुसूची के भाग 1 या भाग 2 में तत्समय विनिर्दिष्ट प्रत्येक राज्य के प्रतिनिधि-
(क) जहाँ राज्य के विधानमंडल में दो सदन हैं, वहां निचले
सदन के निर्वाचित सदस्यों द्वारा निर्वाचित किए जाएंगे_
(ख) जहाँ राज्य के विधानमंडल में केवल एक सदन है, इस सदन के द्वारा निर्वाचित किए जाएंगे_
(ग) जहाँ राज्य के विधानमंडल की कोई भी सदन नहीं है, वहां ऐसी रीति से चुने जाएंगे जैसी संसद विधि द्वारा विहित करे।
(4) राज्यसभा में पहली अनुसूची के भाग-2 में तत्समय विनिर्दिष्ट राज्यों के प्रतिनिधि ऐसी रीति से चुने जाएंगे जो संसद विधि द्वारा विहित करें।
(5) (क) संविधान के अनुच्छेद 292 और 293 के उपबंधों के अधीन रहते हुए लोकसभा प्रत्यक्षतः मतदाताओं द्वारा चुने गए, राज्यों के राज्यक्षेत्रों के लोगों के अधिक से अधिक पांच सौ सदस्यों से मिलकर बनेगी।
(ख) उपखंड (क) के प्रयोजन के लिए भारत के राज्यों को, क्षेत्रीय निर्वाचन-क्षेत्रों में विभाजित समूहकृत या निर्मित किया जाएगा और ऐसे प्रत्येक निर्वाचन-क्षेत्र को आंबंटित किए जाने वाले प्रतिनिधियों की संख्या इस प्रकार तय की जाएगी कि वह सुनिश्चित कर सके कि हर 750,000 की जनसंख्या के लिए कम से कम एक प्रतिनिधि होगा और हर 500,000 की जनसंख्या के लिए अधिक से अधिक एक प्रतिनिधि होगाः
परंतु पहली अनुसूची के भाग-3 में तत्समय विनिर्दिष्ट राज्यों के प्रतिनिधियों की कुल संख्या का, उनकी कुल जनसंख्या के अनुपात, उस अनुपात, उस अनुसूची के भाग 1 और 2 में तत्समय विनिर्दिष्ट राज्यों के प्रतिनिधियों की कुल संख्या के ऐसे राज्यों की कुल संख्या के अनुपात से अधिक नहीं होगा।