130 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
(ग) प्रत्येक क्षेत्रीय निर्वाचन-क्षेत्र के लिए किसी समय
निर्वाचित किए जाने वाले सदस्यों की संख्या और पिछली
जनगणना में अभिनिश्चित उस निर्वाचित-क्षेत्र की जनसंख्या
के बीच अनुपात, यथासाध्य संपूर्ण भारत में वही होगा।
(6) लोकसभा का निर्वाचन प्रौढ़ मताधिकार के आधार पर
होगा_ यानी प्रत्येक नागरिक, जो 21 वर्ष से कम आयु का
नहीं है तथा इस संविधान के अधीन या संसद के किसी
अधिनियम के अधीन, अनिवास, विकृतचित होने, अपराध,
या भ्रष्ट या अवैध व्यापार के आधार पर, अन्यथा निरर्हित
नहीं है, ऐसे निर्वाचन में मतदाता के रुप में दर्ज किए
जाने के लिए हकदार होगा।
(7) संसद, विधि द्वारा लोकसभा में, राज्यों से भिन्न राज्य-क्षेत्रों
के प्रतिनिधित्व के लिए उपबंध कर सकेगी।
(8) प्रत्येक जनगणना पूरी होने पर राज्यसभा में विभिन्न राज्यों
का और लोकसभा में विभिन्न राज्य-क्षेत्रीय निर्वाचन-क्षेत्रों
का प्रतिनिधित्व, इस संविधान के अनुच्छेद 289 के
उपबंधों के अधीन रहते हुए, ऐसे प्राधिकारी द्वारा, ऐसी
रीति से और ऐसी तारीख से जो संसद द्वारा विधि द्वारा तय
की जाए, पुनः समायोजित किया जाएगा।
(9) जब पहली अनुसूची के भाग 3 में तत्समय विनिर्दिष्ट
रियासतें राज्यसभा में प्रतिनिधियों को लाने के प्रयोजन के
लिए एक साथ समूह में रखी जाएंगी तो इस अनुच्छेद के
प्रयोजनों के लिए एक राज्य समझी जाएंगी।
संसद के सदनों 68. (1) राज्यसभा का विघटन नहीं होगा, किंतु उसके सदस्यों में की अवधि से यथासंभव निकटतम एक तिहाई सदस्य, संसद द्वारा
विधि द्वारा इस निमित्त किए गए उपबंधों के अनुसार,
प्रत्येक द्वितीय वर्ष की समाप्ति पर यथाशक्य शीघ्र निवृत्त
हो जाएंगे।