साधारण - Page 151

132 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

सदन को भेज सकेगा और जिस सदन को कोई संदेश इस

प्रकार भेजा गया है वह सदन उस संदेश द्वारा विचार करने

के लिए अपेक्षित विषय पर सुविधानुसार शीघ्रता से

विचार करेगा।

संसद के 71. (1) राष्ट्रपति प्रत्येक सत्र के आरंभ में एक साथ समवेत संसद प्रत्येक सत्र के दोनों सदनों में अभिभाषण करेगा और संसद को उसके के आरंभ में आह्वान के कारण बताएगा।

राष्ट्रपति द्वारा (2) प्रत्येक सदन की प्रक्रिया का विनियमन करने वाले नियमों विशेष अभिभाषण द्वारा, ऐसे अभिभाषण में निर्दिष्ट विषयों की चर्चा के तथा अभिभाषण लिए समय नियत करने के लिए और सदन के अन्य कार्य में निर्दिष्ट विषयों पर इस चर्चा को अग्रता देने के लिए उपबंध किया की संसद में जाएगा।

चर्चा सदनों के

बारे में मंत्रियों

और महान्यायवादी

के अधिकार

  1. प्रत्येक मंत्री और भारत के महान्यायवादी को अधिकार

होगा कि वह किसी भी सदन में, सदनों की किसी संयुक्त

बैठक में और संसद की किसी समिति में, जिसमें उसका

नाम सदस्य के रुप में दिया गया है, बोले और उसकी

कार्यवाहियों में अन्यथा भाग ले, किंतु इस अनुच्छेद के

आधार पर वह मत देने का हकदार नहीं होगा।

संसद के अधिकारी

राज्यसभा का 73. (1) भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होगा। सभापति और (2) राज्यसभा, यथाशक्य शीघ्र, अपने किसी सदस्य को उपसभापति अपना उपसभापति चुनेगी और जब-जब उपराष्ट्रपति का

पद रिक्त होगा तब तक राज्यसभा किसी अन्य सदस्य को

अपना उपसभापति चुनेगी।

उपसभापति का 74. राज्यसभा के उपसभापति के रुप में पद धारण करने पद रिक्त होना, वाला सदस्य-

पदत्याग और पद (क) यदि राज्यसभा का सदस्य नहीं रहता है तो अपना पद से हटाया जाना रिक्त कर देगा।

(ख) किसी भी समय सभापति को संबोधित अपने हस्ताक्षर

सहित लेख द्वारा अपना पद त्याग सकेगा_ और