136 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
स्थानों का 82. (1) कोई व्यक्ति संसद के दोनों सदनों का सदस्य नहीं होगा रिक्त होना और जो व्यक्ति दोनों सदनों का सदस्य चुन लिया जाता
है तो उसके एक या दूसरे सदन के स्थान को रिक्त करने
के लिए संसद विधि द्वारा उपबंध करेगी।
(2) यदि संसद के किसी सदन का सदस्य-
(क) अगले अनुच्छेद 83 के खंड (1) में वर्णित किसी
निरर्हता से ग्रस्त हो जाता है, या
(ख) यथास्थिति, सभापति या अध्यक्ष को संबोधित अपने
हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपने स्थान का त्याग कर देता
हैं, तो ऐसा होने पर उसका स्थान रिक्त हो जायेगा।
(3) यदि संसद के किसी सदन का कोई सदस्य साठ दिन तक
अनुज्ञा के बिना उसके सभी अधिवेशनों से अनुपस्थित
रहता है तो सदन स्थान को रिक्त घोषित कर सकेगा।
परंतु साठ दिन की उक्त अवधि की संगणना करने में
किसी ऐसी अवधि को हिसाब में नहीं लिया जाएगा
जिसके दौरान सदन सत्रावसित या निरंतर चार से अधिक
दिनों के लिए स्थगित रहता है।
सदस्यता के 83. (1) कोई व्यक्ति संसद के किसी सदन का सदस्य चुने जाने लिए निर्हताएं के लिए और सदस्य होने के लिए निरर्हित होगा-
(क) यदि वह भारत सरकार के या किसी राज्य की सरकार के
अधीन, ऐसे पद को छोड़कर, जिसको धारण करने वाले
का निरर्हित न होना संसद ने विधि द्वारा घोषित किया है,
कोई लाभ का पद धारण करता है_
(ख) यदि वह विकृतचित्त है और सक्षम न्यायालय की ऐसी
घोषणा विद्यमान है_
(ग) यदि वह अनुन्मोचित दिवालिया है_
* (घ) यदि वह विदेशी शक्ति के प्रति निष्ठा या अनुसक्ति को
अभिस्वीकार किए हुए है, अथवा विदेशी शक्ति की
प्रजा या नागरिक के अधिकारों और विशेषाधिकारों के
लिए हकदार है।
* . समिति ने कामनवैल्थ ऑफ आस्ट्रेलिया कान्स्टीटयूशन एक्ट की धारा 44 (i) के उपबंधों का अनुसरण
करते हुए इस खंड को रखा है।