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(ड.) यदि वह संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि द्वारा या उसके

अधीन इस प्रकार निरर्हित कर दिया जाता है।

(2) इस अनुच्छेद के प्रयोजनों के लिए कोई व्यक्ति के वह

इस कारण भारत सरकार के या किसी राज्य की सरकार

के अधीन लाभ का पद धारण करने वाला नहीं समझा

जाएगा कि-

(क) वह या तो भारत का या पहली अनुसूची के भाग 1 में

तत्समय विनिर्दिष्ट किसी राज्य का मंत्री है_ या

(ख) वह पहली अनुसूची के भाग 3 में तत्समय विनिर्दिष्ट

किसी राज्य का मंत्री है, यदि वह उस राज्य के

विधानमंडल के प्रति, या जहाँ उस राज्य के विधानमंडल

के दो सदन हैं, ऐसे विधानमंडल के निचले सदन के प्रति

उत्तरदायी है और यदि यथास्थिति ऐसे विधानमंडल या

सदन के कम से कम तीन चौथाई सदस्य निर्वाचित हैं।

अनुच्छेद 81 के 84. यदि संसद के किसी सदन में कोई व्यक्ति संविधान के अधीन घोषणा अनुच्छेद 99 की अपेक्षाओं का अनुपालन करने से पहले करने से पहले या वह यह जानते हुए कि मैं उसकी सदस्यता के लिए या अर्हित न होते अर्हित नहीं हूँ या निरर्हित कर दिया गया हूँ या संसद द्वारा हुए या निरर्हित बनाई गई किसी विधि के उपबंधों द्वारा ऐसा करने से किए जाने पर प्रतिषिद्ध कर दिया गया है, सदस्य के रुप में बैठता है या बैठने और मत मत देता है तो वह प्रत्येक दिन के लिए जब वह इस देने के लिए प्रकार बैठता है या मत देता है, पाँच सौ रुपए की शास्ति शास्ति का भागी होगा जो भारत सरकार को देय ट्टण के रुप

में वसूली की जाएगी।

सदस्यों के विशेषाधिकार और उन्मुक्तियां

सदस्यों के 85. (1) इस संविधान के उपबंधों के और संसद की प्रक्रिया का विशेषाधिकार विनियमन करने वाले नियमों और स्थायी आदेशों के आदि अधीन रहते हुए, संसद में वाक्-स्वातंत्रय होगा।

(2) संसद में या उसकी किसी समिति में संसद के किसी

सदस्य द्वारा कही गई किसी बात या दिये गए किसी मत

के संबंध में उसके विरुद्ध किसी न्यायालय में कोई