138 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
कार्यवाही नहीं की जाएगी और किसी व्यक्ति के विरुद्ध
संसद के किसी सदन के प्राधिकार द्वारा या उसके अधीन
किसी प्रतिवेदन, पत्र, मतों या कार्यवाहियों के प्रकाशन के
संबध में इस प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी।
(3) अन्य बातों में सदनों के सदस्यों के विशेषाधिकार और
उन्मुक्तियां ऐसी होंगी जो संसद समय-समय पर, विधि
द्वारा परिनिश्चित करे और जब तक वे इस प्रकार
परिनिश्चित नहीं की जाती हैं तब तक ऐसी होगी जो
संविधान के प्रारंभ के समय यूनाईटेड किंगडम की संसद
के हाउस ऑफ कामन्स के सदस्यों को प्राप्त हैं।
(4) जिन व्यक्तियों को इस संविधान के आधार पर संसद के
किसी सदन में बोलने का और उसकी कार्यवाहियों में
अन्यथा भाग लेने का अधिकार है, उनके संबंध में, इस
अनुच्छेद के खंड (1), (2) और (3) के उपखंड इसी
प्रकार लागू होंगे जिस प्रकार वे संसद के सदस्यों के
संबंध में लागू होते हैं।
सदस्यों के वेतन 86. संसद के प्रत्येक सदन के सदस्य ऐसे वेतन और भत्ते, और भत्ते जिन्हें संसद समय-समय पर विधि द्वारा, अवधारित करे
और जब तक इस संबंध में इस प्रकार उपबंध नहीं किया
जाता है तब तक ऐसे भत्ते ऐसी दरों से और ऐसी शर्तों
पर जो भारत डोमनियन के विधानमंडल के सदस्यों को
इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले लागू थी, प्राप्त
करने के हकदार होंगे।
विधायी प्रक्रिया
विधेयकों के 87. (1) धन विधेयकों और अन्य वित्त विधेयकों के संबंध में पुरःस्थापन और अनुच्छेद 89 और अनुच्छेद 97 के उपबंधों के अधीन पारित किए जाने रहते हुए कोई विधेयक संसद के किसी भी सदन में के संबंध में आरंभ हो सकेगा।
उपबंध (2) अनुच्छेद 88 और अनुच्छेद 89 के उपबंधों के अधीन
रहते हुए कोई विधेयक संसद के सदनों द्वारा तब तक
पारित किया गया नहीं समझा जाएगा जब तक संशोधन