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140 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

(3) यदि राष्ट्रपति ने इस अनुच्छेद के खंड (1) के अधीन सदस्यों को संयुक्त बैठक में अधिवेशित होने के लिए आहूत करने के अपने आशय की सूचना दे दी है, तो कोई भी सदन विधेयक पर आगे कार्यवाही नहीं करेगा, किंतु राष्ट्रपति अपनी अधिसूचना की तारीख के पश्चात्, किसी समय सदनों को अधिसूचना में विनिर्दिष्ट प्रयोजन के लिये संयुक्त बैठक में अधिवेशित होने के लिए आहूत कर सकेगा और, यदि वह ऐसा करता है तो, सदन तद्नुसार अधिवेशित होंगे।

(4) यदि सदनों की संयुक्त बैठक में विधेयक ऐसे संशोधनों सहित, यदि कोई हो, जिन पर संयुक्त बैठक में सहमति हो जाती है, दोनों सदनों के उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों की कुल संख्या के बहुमत द्वारा पारित हो जाता है तो इस संविधान के प्रयोजनों के लिये वह दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया समझा जाएगाः

परंतु संयुक्त बैठक में-

(क) यदि विधेयक एक सदन से पारित किए जाने पर दूसरे सदन द्वारा संशोधनों सहित पारित नहीं कर दिया गया है और उस सदन को, जिसमें उसका आरंभ हुआ था, लौटा नहीं दिया गया है तो ऐसे संशोधनों से भिन्न (यदि कोई हों), जो विधेयक के पारित होने में देरी के कारण आवश्यक हो गये हैं, विधेयक में कोई और प्रस्थापित नहीं किया जाएगा_

(ख) यदि विधेयक इस प्रकार पारित कर दिया गया है और लौटा दिया गया है तो विधेयक में केवल पूर्वोक्त संशाधन और ऐसे अन्य संशोधन, जो उन विषयों से संसुगत हैं जिन पर सदनों में सहमति नहीं हुई है, प्रस्थापित किए जायेंगे और पीठासीन व्यक्ति का इस बारे में विनिश्चय अंतिम होगा कि कौन से संशोधन इस खंड के अधीन ग्राह्य है।

(5) सदनों की संयुक्त बैठक में अधिवेशित होने के लिये आहूत करने के अपने आशय की राष्ट्रपति की सूचना के