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पश्चात् लोकसभा का विघटन बीच में हो जाने पर भी,

इस अनुच्छेद के अधीन संयुक्त बैठक हो सकेगी और

उसमें विधेयक पारित हो सकेगा। धन विधयेकों 89. (1) धन विधेयक राज्यसभा में पुरःस्थापित नहीं किया जायेगा। के संबंध में (2) धन विधेयक लोकसभा द्वारा पारित किए जाने के पश्चात् विशेष प्रक्रिया राज्यसभा को उसी सिफारिश के लिए पारेषित किया

जाएगा और राज्यसभा विधेयक की प्राप्ति की तारीख से

तीस दिन की अवधि के भीतर विधेयक को अपनी

सिफारिशों सहित लोकसभा को लौटा देगी और ऐसा

होने पर लोकसभा, राज्यसभा की सभी या किन्हीं

सिफारिशों को स्वीकार या अस्वीकार कर सकेगी।

(3) यदि लोकसभा, राज्यसभा की किसी सिफारिश को

स्वीकार कर लेती है तो धन विधेयक, राज्यसभा द्वारा

सिफारिश किए गए और लोकसभा द्वारा स्वीकार किए

गये संशोधनों सहित दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया

समझा जायेगा।

(4) यदि लोकसभा, राज्यसभा की किसी भी सिफारिश को

स्वीकार नहीं करती है तो धन विधेयक राज्यसभा द्वारा

सिफारिश किये गए (किसी संशोधन के बिना, दोनों

सदनों द्वारा उस रुप में पारित किया गया समझा जाएगा

जिसमें वह लोकसभा द्वारा पारित किया गया था)

(5) यदि लोकसभा द्वारा पारित और राज्यसभा को उसकी

सिफारिशों के लिये पारेषित धन विधेयक उक्त तीस दिन

की अवधि के भीतर लोकसभा को नहीं लौटाया जाता है

तो उक्त अवधि की समाप्ति पर वह दोनों सदनों द्वारा, उस

रुप में पारित किया गया समझा जायेगा जिसमें वह

लोकसभा द्वारा पारित किया गया था।

‘‘धन विधेयक’’ 90. (1) इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए, कोई विधेयक धन की परिभाषा विधेयक समझा जाएगा यदि उसमें केवल निम्नलिखित

सभी या किन्हीं विषयों से संबंधित उपबंध है, अर्थात्ः-

(क) किसी कर का अधिरोपण, उत्पादन, परिहार, परिवर्तन या

विनियमन_