144 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय
(ख) राज्यसभा के सभापति और उपसभापति के तथा लोकसभा
के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वेतन और भत्ते_
(ग) ऐसे ट्टण-भार, जिनका दायित्व भारत सरकार पर है,
जिनके अंतर्गत ब्याज, निक्षेप निधि-भार और मोचन-भार
तथा उधार लेने और ट्टण सेवा और ट्टण मोच से
संबंधित अन्य व्यय हैं_
(घ) (i) उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को या उनके संबंध
में संदेय वेतन, भत्ते और पेंशन_
(ii) फेडरल न्यायालय के न्यायाधीशों को या उनके संबंध
में संदेय पेंशन_
(iii) उस उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को या उनके
संबंध में दी जाने वाली पेंशन जो पहली अनुसूची
के भाग 1 और 2 में तत्समय विनिर्दिष्ट राज्यों में
शामिल किसी भी क्षेत्र के अंतर्गत अधिकारिता का
प्रयोग करता है या संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले
करता था_
(ड.) किसी न्यायालय या माध्यस्थम् अधिकरण के निर्णय,
डिक्री या पंचाट की तुष्टि के लिए अपेक्षित राशियां_
(च) कोई अन्य व्यय जो इस संविधान द्वारा या संसद द्वारा,
विधि द्वारा, इस प्रकार भारित घोषित किया जाता है।
संसद में 93. (1) प्राक्कलनों में से जितने प्राक्कलन भारत के राजस्व पर प्राक्कलनों भारित व्यय से संबंधित हैं वे संसद में मतदान के लिए के संबंध नहीं रखे जाएंगे, किंतु इस खंड की किसी बात का यह में प्रक्रिया अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि वह संसद के किसी सदन
में उन प्राक्कलनों में से किसी प्राक्कलन पर चर्चा को
निवारित करती है।
(2) उक्त प्राक्कलनों में से जितने प्राक्कलन अन्य व्यय से
संबंधित हैं वे लोकसभा के समक्ष अनुदानों की मांगों के
रुप में रखे जाएंगे और लोकसभा को शक्ति होगी कि
वह किसी मांग को अनुमति दे या अनुमति देने से इंकार
कर दे अथवा किसी मांग को, उसमें विनिर्दिष्ट रकम को
कम करके, अनुमति दे।