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(3) किसी अनुदान की मांग राष्ट्रपति की सिफारिश पर ही
की जाएगी, अन्यथा नहीं।
प्राधिकृत 94. (1) राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर से उस तालिका को अधिप्रमाणित व्यय की तालिका करेगा जिसमें-
का अधिप्रमाणन (क) पिछले अनुच्छेद के अधीन लोकसभा द्वारा किए गए
अनुदान।
(ख) अनेक राशियां, जो भारत के राजस्व पर भारित व्यय की
पूर्ति करने के लिए अपेक्षित हों किन्तु जो संसद के समक्ष
पहले रखे गए विवरण में दर्शाई गई राशि से किसी भी
दशा में अधिक न हो विनिर्दिष्ट हों।
(2) इस प्रकार अधिप्रमाणित तालिका लोकसभा के समक्ष
रखी जाएगी किन्तु उस पर संसद में चर्चा या मतदान नहीं
किया जा सकता।
(3) अगले दो अनुच्छेदों के उपबंधों के अधीन रहते हुए भारत
के राजपत्र में से कोई भी व्यय तब तक सम्यकतः
प्राधिकृत नहीं समझा जाएगा जब तक वह इस प्रकार
अधिप्रमाणित तालिका में विनिर्दिष्ट न हो।
व्यय का 95. यदि किसी वित्तीय वर्ष के लिए भारत के राजपत्र में से अनुपूरक विवरण और अधिक व्यय किसी, उस वर्ष के लिए प्राधिकृत
तत्संबंधी व्यय के ऊपर आवश्यक हो जाता है तो
राष्ट्रपति, एक अनुपूरक विवरण जिसमें उस व्यय की
प्राक्कलित राशि दर्शाई गई हो, संसद के दोनों सदनों के
पटल पर रखवाएगा तथा पूर्वगामी अनुच्छेद के उपबंध
उस विवरण और उस व्यय के संबंध में प्रभावी होंगे जैसे
वे वार्षिक वित्तीय विवरण और वर्णित के संबंध में
प्रभावी होते हैं।
* अधिक अनुदान 96. यदि किसी वित्तीय वर्ष में भारत के राजस्व में से व्यय
किसी ऐसी सेवा पर खर्च किया गया है जिसके लिए
लोकसभा का मत उस सेवा के लिए उस वर्ष के लिए
अनुदत्त राशि से अधिक आवश्यक है, तो उस आधिक्य
* . यह अनुच्छेद संविधान के वित्तीय उपबंधों की विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के अनुसरण में है।