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146 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

के लिए मांग लोकसभा के समक्ष उपस्थित की जाएगी

और इस संविधान के अनुच्छेद 93 और 94 के उपबंध

ऐसी मांग के संबंध में उसी प्रकार प्रभावी होंगे जैसे वे

अनुदान मांग के संबंध में प्रभावी होते हैं।

वित्त विधेयकों 97. (1) अनुच्छेद 110 के खंड (1) के उपखंड (च) में के बारे में विनिर्दिष्ट किसी विषय के लिए उपबंध करने वाला विशेष उपबंध विधेयक या संशोधन राष्ट्रपति की सिफारिश से ही

पुरःस्थापित या प्रस्तावित किया जाएगा, अन्यथा नहीं और

ऐसे उपबंध करने वाला विधेयक राज्यसभा में पुरःस्थापित

नहीं किया जाएगाः

परंतु किसी कर के घटाने या उत्सादन के लिए उपबंध

करने वाले किसी संशोधन के प्रस्तावित के लिए इस खंड

के अधीन सिफारिश की अपेक्षा नहीं होगी।

(2) कोई विधेयक या संशोधन उक्त विषयों में से किसी के

लिए उपबंध करने वाला केवल इस कारण नहीं समझा

जाएगा कि वह जुर्माने या अन्य धनीय शास्तियों के

अधिरोपण का अथवा अनुज्ञप्तियों के लिए फीसों की

मांग का या उनके संदाय का उपबंध करता है अथवा इस

कारण नहीं समझा जाएगा कि वह किसी स्थानीय

प्राधिकारी या निकाय द्वारा स्थानीय प्रयोजनों के लिए

किसी कर के अधिरोपण, उत्सादन, परिहार, परिवर्सन या

विनियमन का उपबंध करता है।

(3) जिस विधेयक को अधिनियमित और प्रवर्तित किए जाने

पर भारत के संचित निधि में से व्यय करना पड़ेगा वह

विधेयक संसद के किसी सदन द्वारा तब तक पारित नहीं

किया जाएगा जब तक ऐसे विधेयक पर विचार करने के

लिए उस सदन से राष्ट्रपति ने सिफारिश नहीं की है।

साधारण प्रक्रिया

प्रक्रिया के 98. (1) इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए, संसद का नियम प्रत्येक सदन अपनी प्रक्रिया और अपने कार्य संचालन के

विनियमन के लिए नियम बना सकेगा।

(2) जब तक खंड (1) के अधीन नियम नहीं बनाए जाते हैं

तब तक इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले भारत