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148 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

(2) इस अनुच्छेद में उच्च न्यायालय के प्रति निर्देश का अर्थ,

पहली अनुसूची के भाग 3 में तत्समय विनिर्दिष्ट किसी

राज्य में किसी भी न्यायालय के प्रति निर्देश को जो इस

भाग के अध्याय 4 के किसी भी प्रयोजन के लिए उच्च

न्यायालय है, सम्मिलित करने के रुप में किया जाएगा।

न्यायालयों द्वारा 101. (1) संसद की किसी कार्यवाही की विधिमान्यता की प्रक्रिया संसद की की किसी अभिकथित अनियमितता के आधार पर कार्यवाहियों की प्रश्नगत नहीं किया जाएगा।

जांच न किया (2) संसद का कोई अधिकारी का सदस्य, जिसमें इस संविधान जाना द्वारा या इसके अधीन संसद में प्रक्रिया का कार्यसंचालन

का विनियमन करने की अथवा व्यवस्था बनाए रखने की

शक्तियां निहित हैं, उन शक्तियों को अपने द्वारा प्रयोग के

विषय में किसी न्यायालय की अधिकारिता के अधीन

नहीं होगा।