अध्याय 1-साधरण एवं अध्याय-2 कार्यपालिका - Page 188

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राज्यपाल को ऐसे अन्वेषण में हाजिर होने तथा प्रतिनिधित्व

किए जाने का अधिकार होगा।

(4) यदि अन्वेषण के फलस्वरुप राज्यसभा की कुल सदस्य

संख्या के कम से कम दो तिहाई सदस्यों द्वारा समर्थित

संकल्प पारित हो जाता है जिसमें यह घोषणा की जाए

कि राज्यपाल के विरुद्ध लाया गया आरोप स्थिर हो चुका

है, तो ऐसे संकल्प का प्रभाव राज्यपाल को उसके पद से

उस तारीख से हटाना होगा जिसको संकल्प विधानसभा

के अध्यक्ष को संसूचित किया जाएगा।

* कुछ आकस्मिकताओं 138. राज्य का विधानमंडल ऐसे उपबंध कर सकेगा जो यह में राज्यपाल उचित समझे। इस अध्याय में उपबंधित नहीं की गई के कृत्यों के किसी भी आकस्मिकता के लिए राज्यपाल के कृत्यों के निर्वहन के लिए निर्वहन के लिए राष्ट्रपति ऐसे प्रावधान कर सकते हैं जो उपबंध करने वे उचित समझें।

की राज्य के

विधानमंडल/

राष्ट्रपति

की शक्ति

* ख्., यदि अनुच्छेद 131 में दूसरा अनुकल्प अंगीकार कर लिया जाए तो इस अनुच्छेद में ‘‘राज्य का विधानमंडल

ऐसे उपबंध कर सकेगा जैसे वह ठीक समझे’’ शब्दों के बजाय ‘‘राष्ट्रपति ऐसे उपबंध कर सकेगा जैसे

वह ठीक समझें’’ शब्दों का प्रयोग करना होगा और इस अनुच्छेद में ‘‘वह राज्य’’ शब्दों के स्थान पर

‘कोई राज्य’ शाब्द प्रयुक्त करने होंगे।

समिति की राय है कि चाहे राज्यपाल जनता द्वारा निर्वाचित किया जाए अथवा विधानमंडल द्वारा निर्वाचित

पैनल में से राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाए उपराज्यपाल रखना आवश्यक है। केन्द्र में उपराष्ट्रपति से

भिन्न रूप में, उपराज्यपाल को उच्च सदन का पदेन सभापति नहीं बनाया जा सकता क्योंकि अधिकांश

राज्यों में उच्च सदन नहीं होगा। परिणामस्वरूप, जब तक राज्यपाल होगा तब तक उपराज्यपाल के करने

के लिए कोई निश्चित कृत्य नहीं होगा। उपराज्यपाल के पद का सृजन करने का एकमात्र आधार यह

प्रतीत होता है कि अकस्मात् रिक्ति की दशा में राज्यपाल का स्थान लेने के लिए कोई व्यक्ति होना

चाहिए। मुख्य न्यायमूर्ति राज्यपाल के कृत्यों का निर्वहन करेगा (लैटर्स पेटेन्ट का पैरा 6 जो गवर्नर

जनरल ऑफ द यूनियन ऑफ साउथ अफ्रीका के पद का गठन करता है जहां यह उपबंध है कि दक्षिण

अफ्रीका का मुख्य न्यायमूर्ति कुछ आकस्मिकताओं में, गवर्नर जनरल की शक्तियों का प्रयोग करेगा।)