अध्याय 1-साधरण एवं अध्याय-2 कार्यपालिका - Page 190

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क्षमा आदि 141. किसी राज्य के राज्यपाल को उस विषय-संबंधी जिस की और कुछ विषय पर विधियां बनाने की उस राज्य के विधानमंडल मामलों में को शक्ति प्राप्त है, किसी विधि के विरुद्ध किसी दंडादेश के अपराध के लिए सिद्धदोष ठहराए गए किसी व्यक्ति के निलम्बन, परिहार दंड को क्षमा, उसका प्रतिलंबन, विराम या परिहार करने या लघुकरण की अथवा दंडादेश के निलम्बन, परिहार या लघुकरण की राज्यपाल की शक्ति होगी।

की शक्ति

राज्यों की 142. इस संविधान के उपबंधों के अधीन रहते हुए, किसी कार्यपालिका राज्य की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार- शक्ति का (क) उन विषयों पर होगा जिनके संबंध में उस राज्य के विस्तार विधानमंडल को विधि बनाने की शक्ति हैं_

(ख) ऐसे अधिकारों, प्राधिकार और अधिकारिता के प्रयोग पर

होगा जो इस संविधान के अनुच्छेद 236 या अनुच्छेद

237 के अधीन पहली अनुसूची के भाग 3 में तत्समय

विनिर्दिष्ट किसी राज्य या राज्यों के समूह के साथ किए

गए किसी करार के अधीन प्रयोक्तव्य है।

मंत्री-परिषद

राज्यपाल को 143. (1) जिन बातों में इस संविधान द्वारा या उसके अधीन सहायता और राज्यपाल से यह अपेक्षित है कि वह अपने कृत्यों या सलाह देने के उनमें से किसी को अपने विवेकानुसार करे उन बातों को लिए मंत्री-परिषद छोड़कर राज्यपाल को अपने कृत्यों का प्रयोग करने में

सहायता और सलाह देने के लिए मंत्री-परिषद होगी

जिसका प्रधान मुख्यमंत्री होगा।

(2) यदि कोई प्रश्न उठता है कि कोई विषय ऐसा है या नहीं

जिसके संबंध में इस संविधान द्वारा या इसके अधीन

राज्यपाल से यह अपेक्षित है कि वह अपने विवेकानुसार

कार्य करे, तो राज्यपाल का अपने विवेकानुसार किया गया

विनिश्चय अंतिम होगा और राज्यपाल द्वारा की गई किसी

बात की विधिमान्यता इस आधार पर प्रश्नगत नहीं की

जाएगी कि उसे अपने विवेकानुसार कार्य करना चाहिए

था या नहीं।