177
(क) साहित्य, कला और विज्ञान_
(ख) कृषि, मत्स्यपालन और सम्बद्ध विषय_
(ग) इंजीनियरिंग तथा वास्तुकला_
(घ) लोकप्रशासन तथा समाज सेवा।
(4) इस अनुच्छेद के खंड (3) के अधीन गठित अभ्यर्थियों
के प्रत्येक पैनल में ऐसे पैनल में से चुने जाने वाली संख्या
के कम से कम दोगुने होंगे।
(5) उप निर्वाचनों के लिए इस अनुच्छेद के खंड (3) और
(4) ऐसे अनुकूलनों और उपान्तरों के अधीन रहते हुए
प्रभावी होंगे जो राज्य के विधानमंडल द्वारा विधि द्वारा
विहित किए जाएं।
* राज्यों के 151. (1) प्रत्येक राज्य की प्रत्येक विधानसभा, यदि पहले ही विधान मंडलों विघटित नहीं कर दी जाती है तो, अपने प्रथम अधिवेशन की अवधि के लिए नियत तारीख से पांच वर्ष तक बनी रहेगी उससे
अधिक नहीं और पांच वर्ष की उक्त अवधि की समाप्ति
का परिणाम विधानसभा का विघटन होगा।
(2) राज्य की विधान परिषद विघटन के अधीन नही रहेगी
किन्तु उसके सदस्यों में से यथासंभव निकटतम एक
तिहाई सदस्य राज्य के विधान मंडल द्वारा विधि द्वारा इस
निमित्त बनाए गए उपबंधों के अनुसार प्रत्येक तीसरे वर्ष
की समाप्ति पर यथाशक्ति शीघ्र निवृत्त हो जाएंगे। राज्य विधान मंडल 152. कोई व्यक्ति किसी राज्य के विधान मंडल में से किसी की सदस्यता के स्थान को भरने के लिए व चुने जाने के लिए अर्हित तभी लिए आयु-सीमा होगा जब वह, विधानसभा के स्थान के लिए कम से कम
25 वर्ष की आयु का और विधान परिषद के स्थान के
लिए कम से कम 35 वर्ष की आयु का है।
* . समिति ने विधानसभा के कार्यकाल के रूप में चार के बजाय पांच वर्ष रखे हैं, क्योंकि उसका विचार
है कि संसदीय शासन प्रणाली के अंतर्गत साधारणतया मंत्री की पदावधि का प्रथम वर्ष प्रशासन के कार्य
की जानकारी प्राप्त करने में लग जाएगा और अंतिम वर्ष अगले चुनाव की तैयारी में लग जाएगा। इस
प्रकार कारगर काम करने के लिए केवल दो वर्ष बचते हैं जो कि सुनियोजित प्रशासन के लिए बहुत
कम अवधि होगी।