अध्याय 3 - राज्य विधानमंडल - Page 197

178 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

राज्य के 153. (1) राज्य के विधानमंडल का या के सदन हर वर्ष कम से विधानमंडल कम दो बार अधिवेशन के लिए बुलाया जाएगा या बुलाए के सत्र, जाएंगे, और एक सत्र में उनकी अंतिम बैठक तथा अगले सत्रावसान सत्र में उनकी प्रथम बैठक के लिए नियत तारीख के बीच और विघटन छह मास का अंतर नहीं होगा।

(2) इस अनुच्छेद के उपबंधों के अधीन रहते हुए, राज्यपाल

समय-समय परः

(क) सदनों या प्रत्येक सदन को ऐसे समय और स्थान पर जो

वह ठीक समझे, अधिवेशन के लिए आहूँत कर

सकेगा।

(ख) सदन या सदनों का सत्रावसान कर सकेगा_

(ग) विधानसभा का विघटन कर सकेगा।

(3) इस अनुच्छेद के खंड (2) के उपखंड (क) और (ग)

के अधीन राज्यपाल के कृत्यों का पालन उसके द्वारा

अपने विवेकानुसार किया जाएगा।

सदन या सदनों 154. (1) राज्यपाल, विधानसभा में या विधान परिषद वाले राज्य की में अभिभाषण दशा में उस राज्य के विधानमंडल के किसी एक सदन का और उनको में या एक साथ समवेत दोनों सदनों में, अभिभाषण कर संदेश भेजने सकेगा और इस प्रयोजन के लिए सदस्यों की उपस्थिति का राज्यपाल की अपेक्षा कर सकेगा।

का अधिकार (2) राज्यपाल, राज्य के विधानमंडल में उस समय लंबित

किसी विधेयक के संबंध में संदेश या कोई अन्य संदेश,

उस राज्य के विधानसभा के सदन या सदनों को भेज

सकेगा और जिस सदन को कोई संदेश इस प्रकार भेजा

गया है वह सदन उस संदेश द्वारा विचार करने के लिए

अपेक्षित विषय पर सुविधानुसार शीघ्रता से विचार

करेगा।