अध्याय 3 - राज्य विधानमंडल - Page 199

180 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर सम्पूर्ण वाघ्मय

त्याग सकेगा_ और

(ग) विधानसभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से

पारित संकल्प द्वारा अपने पद से हटाया जा सकेगाः

परंतु खंड (ग) के प्रयोजन के लिए कोई संकल्प तब

तक प्रस्तावित नहीं किया जाएगा जब तक कि उस

संकल्प को प्रस्तावित करने के आशय की कम से कम

चौदह दिन की पूर्व सूचना न दे दी गई होः

परंतु यह और कि जब कभी विधान सभा का विघटन

किया जाता है तो विघटन के पश्चात् होने वाले विधानसभा

के प्रथम अधिवेशन के ठीक पहले तक अध्यक्ष अपने

पद को रिक्त नहीं करेगा।

अध्यक्ष के पद 159. (1) जब अध्यक्ष का पद रिक्त है तब उपाध्यक्ष, या यदि के कर्तव्यों का उपाध्यक्ष का पद भी रिक्त है तो विधानसभा का ऐसा पालन करने या सदस्य, जिसको राज्यपाल इस प्रयोजन के लिए नियुक्त अध्यक्ष के रुप करे, उस पद के कर्तव्यों का पालन करेगा। में कार्य करने (2) विधानसभा की किसी बैठक से अध्यक्ष की अनुपस्थिति की उपाध्यक्ष में उपाध्यक्ष, या यदि वह भी अनुपस्थित है तो ऐसा या अन्य व्यक्ति व्यक्ति, जो विधानसभा की प्रक्रिया के नियमों द्वारा की शक्ति अवधारित किया जाए, या यदि ऐसा कोई व्यक्ति उपस्थित

नहीं है तो ऐसा अन्य व्यक्ति, जो विधानसभा द्वारा

अवधारित किया जाए, अध्यक्ष के रुप में कार्य

करेगा।

विधान परिषद 160. विधान परिषद वाले प्रत्येक राज्य की विधान परिषद, का सभापति यथाशीघ्र अपने दो सदस्यों को अपना सभापति और और उपसभापति उपसभापति चुनेगी और जब-जब सभापति या उपसभापति

का पद रिक्त होता है तब-तब परिषद किसी अन्य सदस्य

को, यथास्थिति सभापति या उपसभापति चुनेगी।

सभापति और 161. विधान परिषद के सभापति या उपसभापति के रुप में पद उपसभापति का धारण करने वाला सदस्यः

पद रिक्त होना, (क) यदि विधान परिषद का सदस्य नहीं रहता है तो अपना पदत्याग और पद रिक्त कर देगा_

पद से हटाया (ख) किसी भी समय, यदि वह सदस्य सभापति है तो जाना उपसभापति को संबोधित और यदि वह सदस्य उपसभापति