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है तो सभापति को संबोधित अपने हस्ताक्षर सहित लेख
द्वारा अपना पद त्याग सकेगा_ और
(ग) विधान परिषद के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से
पारित संकल्प द्वारा अपने पद से हटाया जा सकेगाः
परंतु खंड (ग) के प्रयोजन के लिए कोई संकल्प तब
तक प्रस्तावित नहीं किया जाएगा जब तक कि उस
संकल्प को प्रस्तावित करने के आशय की कम से कम
चौदह दिन की पूर्व सूचना न दे दी गई हो।
सभापति के 162. (1) जब सभापति का पद रिक्त है तब उपसभापति, या यदि पद के कर्तव्यों उपसभापति का पद भी रिक्त है तो विधान परिषद का का पालन करने ऐसा सदस्य जिसकी राज्यपाल इस प्रयोजन के लिए या सभापति के नियुक्त करे, उस पद के कर्तव्यों का पालन करेगा। रुप में कार्य (2) विधान परिषद की किसी बैठक से सभापति की अनुपस्थिति, करने की में उपसभापति, या यदि वह भी अनुपस्थित है तो ऐसा उपसभापति या व्यक्ति, जो विधान परिषद की प्रक्रिया के नियमों द्वारा अन्य व्यक्ति अवधारित किया जाए, या यदि ऐसा कोई व्यक्ति उपस्थित की शक्ति नहीं है तो ऐसा अन्य व्यक्ति, जो विधान परिषद द्वारा
अवधारित किया जाए, सभापति के रुप में कार्य करेगा।
अध्यक्ष, उपाध्यक्ष 163. विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को विधान परिषद और सभापति या के सभापति और उपसभापति को, ऐसे वेतन और भत्तों उपसभापति का का जो राज्य का विधानमंडल, विधि द्वारा, नियत करे और वेतन और भत्ते जब तक इस निमित्त इस प्रकार उपबंध नहीं किया जाता
है तब तक ऐसे वेतन और भत्तों का जो दूसरी अनुसूची
में विनिर्दिष्ट हैं, संदाय किया जाएगा।
कार्य संचालन
सदनों में मतदान, 164. (1) इस संविधान में जैसा उपबंधित है उसके सिवाय राज्य के रिक्तियों के होते विधानमंडल को किसी सदन में या दोनों सदनों को संयुक्त हुए भी सदनों के बैठक में सभी प्रश्नों का अवधारण अध्यक्ष या सभापति करने की शक्ति को अथवा उस रुप में कार्य करने वाले व्यक्ति को और गणपूर्ति छोड़कर, उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के बहुमत
से किया जाएगा।